केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन भी संचालित नहीं हो पाई है। प्रशासन व पुलिस द्वारा सोनप्रयाग में ही यात्रियों को रोक दिया गया। जबकि केदारनाथ से लौट रहे यात्रियों को एसडीआरएफ द्वारा सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचा दिया गया है।
बृहस्पतिवार तड़के से घोड़ा पड़ाव व छौड़ी गदेरा में भूस्खलन से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया था। यहां पर पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर व मलबा गिरता रहा। इस दौरान धाम जाने के लिए पहुंचे 20 से अधिक यात्रियों को प्रशासन द्वारा सोनप्रयाग में ही रोका गया।
अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण पैदल मार्ग चीरबासा, जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली और छानी कैंप में भी काफी संवेदनशील बना हुआ है। इन स्थानों पर पहाड़ियों से पत्थर गिरने व भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। साथ ही हिमखंड वाले स्थानों पर कीचड़ से फिसलने का खतरा भी हो गया है।