यात्रा बढ़ने के साथ गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने पैदल मार्ग से धाम तक यात्रियों के रात्रि प्रवास के लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं। जंगलचट्टी से लेकर धाम तक लगभग 700 यात्रियों के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की गई है। आने वाले दिनों में और टेंट लगाए जा सकते हैं।
बीते तीन अक्तूबर से केदारनाथ यात्रा में प्रतिदिन दो हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे में रात्रि प्रवास समेत अन्य व्यवस्था के लिए सीमित संसाधन होने से श्रद्धालुओं को खासी दिक्कतें भी हो रही हैं, लेकिन अब जीएमवीएन द्वारा पैदल मार्ग से धाम तक टेंट के लगाकर लगभग सात सौ यात्रियों के प्रवास की व्यवस्था कर दी गई है। इसके अलावा प्रशासन द्वारा भी केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों के निर्मित भवनों में यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था की जा रही है।
गढ़वाल मंडल विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक सुदर्शन सिंह खत्री ने बताया कि केदारनाथ बेस कैंप, स्र्वगारोहिणी व केदार डोभ में टेंट लगाए गए हैं, जहां 464 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। जबकि लिनचोली में 100, भीमबली में 30 और जंगलचट्टी में 18 यात्रियों के रात्रि प्रवास का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा धाम में हट्स व कॉटेज में भी एक सौ से अधिक यात्री ठहर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में टेंटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
अक्तूबर के पहले 15 दिनों में केदारनाथ धाम में 33121 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यहां प्रतिदिन औसतन दो हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पैदल मार्ग से लेकर धाम में रौनक बनी हुई है। साथ ही केदारघाटी के बाजारों व पड़ावों पर भी व्यवसाय को गति मिल रही है।
बीते 12 जून से अभी तक उत्तराखंड समेत बाहरी राज्यों के 44043 शिव भक्त केदारनाथ पहुंच चुके हैं। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि प्रतिदिन दो से ढाई हजार श्रद्धालु के धाम पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है।
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के दर्शन सभामंडप से करने की अनुमति मिल गई है। साथ ही पंच गौंडारी व हक-हकूकधारियों द्वारा धाम में अपने ढाबे व लॉज भी यात्रियों के रात्रि प्रवास के लिए खोल दिए गए हैं। गौंडार, बणतोली, खुन्नू, खटरा में भी स्थानीय लोगों के द्वारा दुकान व ढाबा संचालन किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के चलते अभी तक द्वितीय केदार में परिसर से ही श्रद्धालु आराध्य के दर्शन कर रहे थे, लेकिन देवस्थानम बोर्ड द्वारा सभामंडप से दर्शन करने की अनुमति के बाद द्वितीय केदार भी केदारनाथ की तर्ज पर श्रद्धालुओं द्वारा सभामंडप से आराध्य के दर्शन करने की अनुमति दे दी गई है। देवस्थानम बोर्ड के ईओ एनपी जमलोकी ने बताया कि द्वितीय केदार में श्रद्धालु के सभामंडप तक जाने की अनुमति दे दी गई है।
कपाट खुलने के बाद से द्वितीय केदार में लगभग एक हजार श्रद्धालु आराध्य के दर्शन कर चुके हैं। दूसरी तरफ ग्राम पंचायत गौंडार के ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार ने बताया कि बीते दस दिनों से धाम में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रांसी, गौंडार के ग्रामीणों द्वारा पैदल मार्ग पर नाश्ता, भोजन के लिए दुकानें व ढाबा खोल दिए गए हैं। उधर, मद्महेश्वर में भी हक-हकूकधारियों द्वारा अपने लॉज का संचालन शुरू कर दिया गया है, जिससे यहां पहुंच रहे यात्रियों को भी सुविधा मिल रही है।