बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा का समापन हो गया है। कोरोना के कारण इस बार पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत से भी कम तीर्थयात्री चारधाम पहुंचे। पिछले वर्ष चारों धामों में 32 लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए थे, लेकिन कोरना के कारण इस बार 3.10 लाख श्रद्धालु ही चारधाम पहुंचे।
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कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा प्रभाव पर्यटन व तीर्थाटन पर पड़ा है। महामारी के बीच एक जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। इस बार केदारनाथ में 1.35 लाख से अधिक तीर्थ यात्री पहुंचे। जबकि बदरीनाथ धाम में लगभग 1.44 लाख, गंगोत्री में 23 हजार 837 और यमुनोत्री में 7 हजार 731 यात्रियों ने दर्शन किए। हालांकि प्रदेेश सरकार और उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड कोरोना संक्रमण के बीच चारधाम यात्रा के सुरक्षित संचालन में कामयाब रहा है।
देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि एक जुलाई से 18 नवंबर तक बोर्ड की ओर से चारधाम यात्रा के लिए कुल साढ़े तीन लाख ई-पास जारी किए गए थे। इनमें से 3.10 लाख तीर्थ यात्रियों ने चारधाम में दर्शन किए हैं।
उन्होंने बताया कि केदारनाथ और बदरीनाथ में आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या ज्यादा रही है। कोविड की गाइडलाइन का पालन कर चारों धामों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन कराए गए। कोविड महामारी के बीच चारधाम यात्रा का संचालन करना एक बड़ी चुनौती थी। सरकार के प्रयासों से यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने में सफलता मिली है।