केदारनाथ धाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिश्ता काफी पुराना है। यहां उन्होंने साधना की थी, जिसके बाद उनकी किस्मत के दरवाजे खुले थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कभी केदारनाथ के पास गरुड़चट्टी में करीब डेढ़ माह गुफा में साधना की थी।
बताया जाता है कि 80 के दशक में वह अक्सर बाबा केदार के दर्शनों को आते रहते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वह कई बार केदारनाथ धाम आ चुके हैं।
मई माह में लोकसभा चुनाव मतगणना से कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी केदारनाथ धाम आए थे और यहां कई घंटों रुद्र गुफा में साधना की थी।
पर्यटन-धर्मस्व सचिव दिलीप जावलकर ने यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं हेतु व्यापक दिशा निर्देश जारी किए हैं। ताकि कोरोना महामारी की समाप्ति के पश्चात उच्च स्तरीय दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में चारधाम यात्रा को पटरी पर लाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि वुड स्टोन कंपनी ने केदारनाथ में बर्फ के ग्लेशियरों को काट कर मंदिर तक पहुंचने हेतु विषम परिस्थितियों में कार्य कर रास्ता बनाया।
आयुक्त गढ़वाल / उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रमन रविनाथ ने बताया कि मार्च महीने से ही प्रशासन ने वुड स्टोन कंपनी को केदारनाथ पहुंच़ने हेतु मार्ग बनाने को कहा गया था।
कंपनी ने कपाट खुलने से पहले मार्ग तैयार कर दिया, जबकि अभी भी केदारनाथ में चार से छह फीट तक बर्फ देखी जा सकती है। इन्हीं ग्लेशियरों को काटकर बनाये रास्तों से होकर भगवान केदारनाथ की पंच मुखी डोली पैदल मार्ग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम पहुंची।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि कपाट खुलने के उपलक्ष्य में ऋषिकेश के सतीश कालड़ा द्वारा केदारनाथ मंदिर को 10 कुंतल गैंदा, गुलाब एवं अन्य फूलों से सजाया गया था। रात्रि को मंदिर बिजली की रोशनी से जगमगा रहा था।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं दी हैं। आशा प्रकट की है कि जल्द देश एवं विश्व से कोरोना का संकट समाप्त हो जायेगा तथा चार धाम यात्रा को गति मिलेगी।
कोरोना से बचाव के मद्देनजर यात्राओं की अनुमति नहीं है अभी केवल कपाट खोले जा रहे है। ताकि धामों में पूजा अर्चना शुरू हो सके। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कपाट खुलने पर बधाई संदेश भेजा है। चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर बधाई दी है।