उन्होंने बताया कि प्रदेश के तीर्थयात्री गाइडलाइंस के मुताबिक, चारधाम यात्रा पर जा सकते हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम उन्हें साफ-सुथरा सुरक्षित भोजन और अन्य सुविधाएं देगा। कुछ पर्यटक आवास गृहों को सरकार ने क्वारंटीन सेंटर बना रखा है।
अब उन्हें खाली कराने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारी नेताओं का भी कहना है कि प्रशासन को अब पर्यटक आवास गृह खाली कर देने चाहिए।
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सरकार ने चारधाम यात्रा प्रदेश के लोगों के लिए खोल दी है, लेकिन हेली सेवा का संचालन नहीं हो पाया है। बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थ यात्रियों पर रोक होने के कारण इस बार केदारनाथ के लिए हेली कंपनियां उड़ान नहीं भर रही हैं। मानसून आने के कारण मौसम खराब रहने से अब हेली सेवा शुरू होने की उम्मीद कम है।
उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (यूकाडा) ने इस बार केदारनाथ के लिए समय पर हेली कंपनियों के टेंडर कर दिए थे। लेकिन, कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन के चलते चारधाम यात्रा तय समय पर शुरू नहीं हो पाई।
अब सरकार ने एक जुलाई से प्रदेश के लोगों के लिए चारधाम यात्रा खोल दी है, लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थ यात्रियों पर अभी रोक है। इस कारण गुप्तकाशी, सरसी, फाटा से केदारनाथ के लिए हेली सेवा का संचालन नहीं हो पाया है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि चारधाम में दर्शन के लिए अभी प्रदेश के लोगों को अनुमति है।
सामान्य रूप से 15 जून के बाद मौसम खराब होने से हेली कंपनियां वापस चली जाती थीं, और सितंबर माह के बाद दोबारा आती थीं। केदारनाथ जाने के लिए हेली सेवा का ज्यादा इस्तेमाल बाहर से आने वाले यात्री करते हैं। अब मानसून सीजन में हेली सेवा का संचालन करना संभव नहीं है।