कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते इस बार केवल 21-21 तीर्थ पुरोहित कपाटोद्घाटन में शामिल हो सके। डोली यात्रा के लिए भी यही प्रावधान किया गया था। डोली यात्रा के दौरान शारीरिक दूरी के नियम का भी पालन किया गया।
डीएम डॉ. आशीष चौहान और पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने बताया कि चार धाम यात्रा अभी प्रतिबंधित है। रविवार को भी जब डोली निकाली गई तो दो लोग ही डोली लेकर चले। उनके साथ दो से तीन और लोग सोशल डिस्टेंस बनाकर धाम के लिए रवाना हुए थे।
लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते फिलहाल किसी भी श्रद्धालु को धाम में आने की अनुमति नहीं है। परंपराओं के निर्वहन के लिए सीमित संख्या में तीर्थ पुरोहितों को छोड़ कर अन्य किसी को भी धामों में जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मंदिर समिति के सचिव कृत्तेश्वर उनियाल के अनुसार मंदिर में चुनिंदा पुजारी ही नियमित रूप से पूजा-अर्चना करेंगे। बताया कि धाम में बिजली, पानी, शौचालय आदि बुनियादी व्यवस्थाएं करीब करीब पूरी हैं। जानकीचट्टी से धाम तक पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है।