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Char Dham 2020 : श्रद्धालु ने केदारनाथ धाम के लिए दान किए 25 लाख, दर्शन करने पहुंचे भक्तों की संख्या 10 हजार पार

Mon, 28 Sep 2020 04:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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केदारनाथ मंदिर - फोटो : Social media
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केदारनाथ में एक श्रद्धालु द्वारा धाम के लिए 25 लाख रुपये दान दिए गए। कोटद्वार झंडा चौक में गढ़वाल ज्वैलर्स दिलवाग सिंह ने देवस्थानम बोर्ड को दान की धनराशि भेंट की।

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इस मौके पर बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग, यात्रा प्रभारी वाईएस पुष्पवाण ने दिलवाग सिंह का आभार जताया। कहा कि कोरोना काल में जहां आर्थिक संकट खड़ा है। उन परिस्थितियों में श्रद्धालु द्वारा दान की गई राशि बहुत महत्वपूर्ण है। 

धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दस हजार के पार

केदारनाथ में बाबा के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 10 हजार के पार हो गई है। रविवार को धाम में 327 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए, जो इस यात्राकाल में एक दिन में दर्शनार्थियों की सबसे अधिक संख्या है। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में भी कपाटोद्घाटन के बाद से प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

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सूक्ष्म धार्मिक गतिविधियों के साथ 29 अप्रैल को खोले गए थे केदारनाथ

केदारनाथ के कपाट सूक्ष्म धार्मिक गतिविधियों के साथ 29 अप्रैल को खोले गए थे, लेकिन कोरोना के कारण यात्रा का संचालन नहीं होने से लगभग सवा माह तक धाम में सन्नाटा पसरा रहा। 12 जून से प्रदेश सरकार द्वारा जनपद स्तर पर यात्रा का संचालन किया गया।

10131 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य अर्जित कर चुके हैं। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा व्यापक रूप से प्रभावित हुई है, लेकिन बीते तीन माह से धाम में प्रतिदिन श्रद्धालुओं के पहुंचने से रौनक बनी हुई है।
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67 मीटर सुरंग का इस सप्ताह से होगा ट्रीटमेंट

केदारनाथ व केदारघाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर संगम के समीप स्थित 67 मीटर सुरंग का इस सप्ताह से ट्रीटमेंट शुरू हो जाएगा। जियोलॉजिकल टीम की मौजूदगी में सुरंग को दुरुस्त किया जाएगा। इस दौरान 45 दिन तक वाहनों का आवागमन जवाड़ी बाईपास से किया जाएगा।

इसके लिए एनएच ने जिला प्रशासन से अनुमति मांग ली है, लेकिन कार्य किस दिन से शुरू करना है, इसके लिए पुन: बैठक कर तिथि तय की जाएगी। इसके आधार पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी।

एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सुरंग का ट्रीटमेंट टीएचडीसी के वैज्ञानिकों की मौजूदगी में होना है। सुरंग के ब्लॉक ध्वस्तीकरण के दौरान टीम मौके पर रहेगी और सर्वेक्षण करेगी। इसके आधार पर आगे सुधारीकरण कार्य व भावी योजना भी तैयार की जाएगी।
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