केदारनाथ के कपाट सूक्ष्म धार्मिक गतिविधियों के साथ 29 अप्रैल को खोले गए थे, लेकिन कोरोना के कारण यात्रा का संचालन नहीं होने से लगभग सवा माह तक धाम में सन्नाटा पसरा रहा। 12 जून से प्रदेश सरकार द्वारा जनपद स्तर पर यात्रा का संचालन किया गया।
10131 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य अर्जित कर चुके हैं। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा व्यापक रूप से प्रभावित हुई है, लेकिन बीते तीन माह से धाम में प्रतिदिन श्रद्धालुओं के पहुंचने से रौनक बनी हुई है।
केदारनाथ व केदारघाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर संगम के समीप स्थित 67 मीटर सुरंग का इस सप्ताह से ट्रीटमेंट शुरू हो जाएगा। जियोलॉजिकल टीम की मौजूदगी में सुरंग को दुरुस्त किया जाएगा। इस दौरान 45 दिन तक वाहनों का आवागमन जवाड़ी बाईपास से किया जाएगा।
इसके लिए एनएच ने जिला प्रशासन से अनुमति मांग ली है, लेकिन कार्य किस दिन से शुरू करना है, इसके लिए पुन: बैठक कर तिथि तय की जाएगी। इसके आधार पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी।
एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सुरंग का ट्रीटमेंट टीएचडीसी के वैज्ञानिकों की मौजूदगी में होना है। सुरंग के ब्लॉक ध्वस्तीकरण के दौरान टीम मौके पर रहेगी और सर्वेक्षण करेगी। इसके आधार पर आगे सुधारीकरण कार्य व भावी योजना भी तैयार की जाएगी।