दोपहर बाद डोली यात्रा खरसाली गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने मां यमुना का भव्य स्वागत किया। यहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ मां यमुना की उत्सव मूर्ति को खरसाली स्थित यमुना मंदिर में स्थापित किया। अब आगामी छह माह तक श्रद्धालु यहीं मां यमुना के दर्शन एवं पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ ले सकेंगे।
इस अवसर पर डीएम डा. आशीष चौहान, एसडीएम सोहन सैनी, तहसीलदार मोहन राणा, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल, सचिव कृतेश्वर उनियाल, बागेश्वर उनियाल, मनमोहन उनियाल, कुलदीप उनियाल, विनोद उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, गिरीश प्रसाद सहित कई मौजूद थे।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर डीएम डा. आशीष चौहान ने यहां नवनिर्मित अतिथि गृह का लोकार्पण किया। तीर्थ पुरोहित प्रीतम उनियाल एवं पवन उनियाल ने बताया कि कथावाचक संत मोरारी बापू के भक्त मिराज ग्रुप के मालिक उदयपुर राजस्थान निवासी मदन पालीवाल ने 80 लाख रुपये लागत से अतिथि गृह का निर्माण कराया है।
आपदा के बाद पटरी पर लौटी यात्रा
आपदा के बाद इस साल यमुनोत्रीयात्रा की पुरानी रौनक लौटी। हालांकि यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या का पुराना रिकार्ड तो नहीं टूटा, लेकिन वर्ष 2012 व 2013 की आपदा के बाद पहली बार सर्वाधिक 4,64,495 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम की यात्रा पर पहुंचे।
आपदा के बाद वर्ष 2014 में महज 38,221 यात्री और इसके बाद वर्ष 2015 में 1,22,922, वर्ष 2016 में 1,60,524, वर्ष 2017 में 3,92,847 और 2018 में 3,94,394 यात्री यमुनोत्री की यात्रा पर पहुंचे थे। अभी तक सर्वाधिक 4,67,502 तीर्थयात्री वर्ष 2011 में यमुनोत्री धाम पहुंचे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो आगामी यात्रा सीजन में यह रिकार्ड भी टूटने की उम्मीद है।