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अमर उजाला की पड़ताल में खुली पोल, चारधाम यात्रा की बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में मिली एक्सपायरी दवाएं

Wed, 15 May 2019 08:26 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
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बस में मिली एक्सपायरी डेट की दवाएं - फोटो : अमर उजाला
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चारधाम जाने वाले यात्री वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा के नाम पर यात्रियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा के लिए रखे बॉक्स में एक्सपायरी दवाइयां रखी जा रही हैं। ‘अमर उजाला’ ने बीटीसी परिसर में चारधाम यात्रा के लिए जाने वाले 6 वाहनों के फर्स्ट एड बॉक्स का निरीक्षण किया गया।

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इसमें अधिकांश दवाइयां एक्सपायरी डेट की मिली हैं। हैरानी की बात यह है कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति से लेकर एआरटीओ तक को इस अनियमितता की जानकारी ही नहीं है।  

चारधाम यात्रा के लिए प्रतिवर्ष देश ही नहीं विदेशों से बड़ी संख्या में यहां तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा प्रारंभ का प्रमुख द्वार तीर्थनगरी ऋषिकेश को ही माना जाता है। यात्रा को सुविधापूर्ण बनाने के लिए प्रशासन कई माह से तैयारियों में जुटा है।
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यात्रा के दौरान यात्रियों की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर रखने के लिए एआरटीओ और संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति की ओर से बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवाइयां आदि चीजों का भी निरीक्षण किया जाता है। बावजूद इसके चारधाम यात्रा में जाने वाली बसों मेें प्राथमिक चिकित्सा के लिए रखे फर्स्ट एड बॉक्सों में एक्सपायरी दवाइयां रखी जा रही हैं।

सुविधा के नाम पर वाहन संचालक यात्रियों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। परिवहन विभाग से लेकर यातायात रोटेशन व्यवस्था समिति भी कहने को वाहनों के फिटनेस और सुविधाओं की जांच करती है। इसके बावजूद किसी को ध्यान नहीं रहा कि एक्सपायरी डेट की दवाएं वाहनों में क्यों ढोई जा रही हैं।

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पड़ताल में यह बात भी आई सामने 

यात्रा पर जाने वाली बस का फिटनेस और ग्रीन कार्ड अनिवार्य है। ग्रीन कार्ड मिलने से पहले बस में फर्स्ट एड बॉक्स की जांच भी की जाती है। सोमवार को की गई पड़ताल से पता लगा है कि एआरटीओ कार्यालय के बाहर ही कुछ दलाल इस किट को 250 रुपये में बेचते हैं। जबकि यदि मेडिकल स्टोर से किट ली जाए तो यह 100 रुपये तक आ जाती है। ऐसे में बसों के ड्राइवर बाहर मेडिकल स्टोरों से ही फर्स्ट एड बॉक्स के लिए दवाइयां एकत्र कर लेते हैं। फर्स्ट एड बॉक्स में उल्टी, चक्कर आने, दस्त, बुखार की दवाइयां होती हैं।

यात्रा रूट पर जाने वाले वाहनों में एक्सपायरी दवाएं रखने का मामला संज्ञान में नहीं है। यह हमारे कार्यक्षेत्र में आता भी नहीं है। चूंकि सेहत से जुड़ा मामला है तो चारधाम जाने वाले वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स का निरीक्षण किया जाएगा। यात्रियों के लिए बीटीसी परिसर में स्वास्थ्य केंद्र खोला गया है। 
- डॉ. एसके गुप्ता, सीएमओ देहरादून

चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों का ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले फर्स्ट एड बॉक्स के साथ अन्य चीजों का भी निरीक्षण किया जाता है। विभाग की ओर से फर्स्ट एड बॉक्स में खाने की दवाईयां नहीं रखी जाती हैं। हमारी ओर से फर्स्ट एड बॉक्स में सिर्फ डिटॉल, बैंडेज, बरनॉल, रूई आदि को ही रखवाया जाता है। 
- डॉ. अनिता चमोला, एआरटीओ 

लोकल बसों में एक्सपायरी दवाइयां रखने का मामला संज्ञान में आप की ओर से लाया गया है। हालांकि रोटेशन समिति की ओर से बसों में फर्स्ट एड बॉक्स का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। बस के चालक स्थानीय प्राईवेट क्लीनिकों से दवाईयां लेकर फर्स्ट एड बॉक्स में रख रहे हैं तो सभी बसों का निरीक्षण करवाया जाएगा।
- बृजभानु प्रकाश गिरी, प्रशासनिक अधिकारी, संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति
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