गुरुवार को एनएच की दो जेसीबी मशीनों के जरिए काफी हद तक मलबा हटा लिया गया था, लेकिन शाम को फिर बारिश होने पर चट्टान से मलबा और बोल्डर फिर हाईवे पर आ गए। शुक्रवार को भी सुबह सात बजे कई बोल्डर चट्टान से छिटककर हाईवे पर आ गए। जिससे तीर्थयात्रियों की हाईवे के जल्द खुलने की उम्मीद भी काफूर हो गई।
शुक्रवार को सुबह दस बजे तक एनएच के मजदूरों ने लामबगड़ में पैदल आवाजाही के लिए रास्ता बना लिया। जिसके बाद धाम में रोके गए करीब चार सौ तीर्थयात्रियों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों की मदद से उनके गंतब्य को भेजा गया। जबकि लामबगड़ में पैदल चलने के बाद फिर वाहन से करीब 500 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर चले गए हैं। गोविंदघाट के पुलिस थाना प्रभारी बृज मोहन सिंह राणा ने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों को तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही करवाई जा रही है। अभी हाईवे को खुलने में दो दिन का समय लग सकता है। लगातार मौसम खराब होने से हाईवे को खोलने में भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने रविवार को सुबह तक हाईवे के खुलने की उम्मीद जताई है।