मंगलवार देर रात गंगोत्री हाईवे पर हुए हादसे में 22 चारधाम यात्रियों की मौत हो गई। अभी भी कई यात्री लापता हैं। हादसे का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड प्रशासन ने बढ़ा कदम उठाया है।
बुधवार को देहरादून स्थित सचिवालय में मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने चारधाम यात्रियों की संख्या निर्धारित करने के निर्देश जारी किए हैं।
इस संबंध में मुख्य सचिव चार जिले के डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं। चारधाम के द्वार ऋषिकेश में ही यात्रियों की संख्या को नियमित किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
भागीरथी में समाई यात्री बस, 22 की मौत
accident in gangotri
- फोटो : amarujala
गंगोत्री से हरिद्वार जा रही इंदौर (मध्यप्रदेश) के यात्रियों की मिनी बस गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी के पास गहरी खाई में गिरकर भागीरथी नदी में समा गई थी। हादसे में 22 लोगों की मौत की सूचना थी। हालांकि अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) राम सिंह मीणा ने 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है। बताते हैं कि बस में करीब तीस यात्री सवार थे।
इंदौर (मध्यप्रदेश) के तीर्थयात्रियों का दल गंगोत्री दर्शन कर मंगलवार को मिनी बस से हरिद्वार लौट रहा था, तभी देर शाम करीब पौने छह बजे गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी के पास चालक के नियंत्रण खो देने से बस 300 मीटर गहरी खाई में गिरने के बाद भागीरथी नदी में समा गई।
सूचना मिलते ही धरासू पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी की टीम रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर खाई काफी गहरी होने से रेस्क्यू कर पाना संभव नहीं होने पर टीम सराली-मरगांव वाले रास्ते से नदी के दूसरे छोर पर पहुंची। यहां से जवान किसी प्रकार रस्सों के सहारे नदी के बीच पहुंचे।
फिर घायलों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू करने का काम शुरू हुआ। रात तक कुल सात घायलों को रेस्क्यू कर चिन्यालीसौड़ सीएचसी पहुंचाया गया। इनमें तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। यात्री दल में शामिल अन्य लोगों का पात नहीं चल पाया।