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कांग्रेस में बदलाव शुरु, सीएम का हो सकता है 'सफाया'

Fri, 20 Dec 2013 10:43 AM IST
अमर उजाला/ देहरादून, नई दिल्ली
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विधानसभा चुनावों की हार के बाद कांग्रेस का मिजाज बदलने लगा है। बदलाव की राहुल की बात पर अमल होता दिख रहा है।
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उत्तराखंड में ही कैबिनेट मंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य को एक व्यक्ति एक पद के नियम के चलते बदला जाना है।

नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज
उत्तराखंड में सरकार के मुखिया परिवर्तन की चल रहीं चर्चाएं रोज नए-नए रूप में सामने आ रही हैं। गुरुवार को जब कई राज्यों में संगठन के स्तर पर बदलाव हुए तो उत्तराखंड के साथ अन्य राज्यों में भी नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई।

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है। उधर उनकी कुर्सी के दावेदार अभी भी दिल्ली में दमदारी से डटे हैं।

इसके साथ ही दिल्ली और छत्तीसगढ़ में हार के बाद गुरुवार को दोनों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदल दिए गए। छत्तीसगढ़ में अजित जोगी विरोधी भूपेश बघेल तो दिल्ली में में शीला विरोधी खेमे के अरविंदर सिंह लवली को कमान दी गई है।
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अन्य प्रदेशों में हुआ बदलाव
हरियाणा में मुख्यमंत्री भूपिंदर हुड्डा तो नहीं मगर उनके विश्वस्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूल चंद मुलाना को बदलना लंबित है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में हार के बाद वहां के अध्यक्ष चंद्रभान सिंह और कांतिलाल भूरिया के बदलने की बात है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण तो नहीं मगर प्रदेश अध्यक्ष माणिक राव ठाकरे को बदला जाना बाकी है।

सहयोगी मंत्री भाजपा के संपर्क में
कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों पर उत्तराखंड में भाजपा के सिपहसालार भी नजर रखे हैं। दो दिन पहले पीडीएफ कोटे के एक मंत्री की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हुई मुलाकात ने माहौल गर्म कर दिया।

संपर्क कराने में टिहरी के एक विधायक की अहम भूमिका रही है। वैसे पार्टी का फोकस 2014 का लोकसभा चुनाव है और कोई पहल भले ही न करे पर घटनाक्रम की भी अनदेखी नहीं कर सकती।

कांग्रेस मुश्किल में
भाजपा का अनुमान है कि केंद्रीय मंत्री हरीश रावत को मौका नहीं मिला तो उनके समर्थक विधायक बगावत कर सकते हैं। और, यदि इनका संख्या बल दलबदल विरोधी कानून की काट कर गया तो कांग्रेस मुश्किल में पड़ सकती है।

ऐसी परिस्थितियां भी बनने के आसार है कि जब किसी धड़े को बगैर शर्त समर्थन देने की जरूरत पड़े। वैसे पार्टी का एक धड़ा उस सूरत में निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने के पक्ष में हैं जब कांग्रेस खुद ही सत्ता से बाहर हो जाए।
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पीडीएफ के विधायक संपर्क में हैं लेकिन हम तोड़ फोड़ नहीं करेंगे। फिर भी यह महत्वपूर्ण रहेगा कि परिस्थितियां कैसी है। हम आलाकमान को रोज अपडेट भी कर रहे है।
- तीरथ सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
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