देशभर में शराब और बीयर समेत सभी एल्कोहोलिक पेय पदार्थों की सैंपलिंग जल्द ही नए मानकों के तहत की जाएगी।
इसके तहत सैंपलिंग का काम आबकारी विभाग के बजाय खाद्य सुरक्षा अभिकरण करेगा। फूड सेफ्ट एंड स्टैंडर्ड ऑथिरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने सैंपलिंग स्टैंडर्ड का ड्राफ्ट तैयार किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद देशभर में इसी के तहत सैंपलिंग की जाएगी।
शराब और बीयर समेत सभी एल्कोहोलिक पेय पदार्थों की सैंपलिंग पहले खाद्य अपमिश्रण अधिनियम 1954 के तहत की जाती थी। बाद में यह काम आबकारी विभाग को दे दिया गया। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट (एफएसएसए)-2006 में इन पदार्थों को खाद्य पदार्थों की सूची में शामिल किया गया।
एक्ट की धारा 3 (1) (जे) में इन पेय पदार्थों को परिभाषित किया गया। जिसके बाद एफएसएसएआई को सैंपलिंग स्टैंडर्ड तय करने की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन एक्ट लागू होने के बाद भी सैंपलिंग स्टैंडर्ड तय नहीं होने से खाद्य सुरक्षा अभिकरण इसकी सैंपलिंग नहीं कर पाया। अब एफएसएसआई ने सैंपलिंग स्टैंडर्ड तय कर लिए हैं। इसका ड्राफ्ट वेबसाइट पर अपलोड भी कर लिया गया है।
दो कैटेगरी में होंगे पदार्थ
ड्राफ्ट में ऐसे पेय पदार्थों को दो अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है। डिस्टिल्ड पेय पदार्थों की कैटेगरी में स्प्रिट और लिक्वर, जिनमें एथेनॉल को फरमेंटेशन के जरिये अनाज, शीरा या कार्बोहाइड्रेड के अलग-अलग माध्यमों से प्राप्त किया गया हो। जबकि अन डिस्ट्ल्डि कैटेगरी में बीयर, वाइन, ताडी, सीडर जैसे पेय पदार्थों को रखा गया है।
इन मानकों पर होगी सैंपलिंग
सैंपलिंग के दौरान सभी पेय पदार्थों में एल्कोल की मात्रा, एथाइल एल्कोहल की मात्रा, किन-किन चीजों से मिलकर बना है (इंग्रिडेंट्स) की जांच होगी। इसके अलावा प्रत्येक पेय पदार्थ के लिए कुछ अलग-अलग मानक भी तय किए गए हैं।
प्राकृतिक एल्कोहल को हां
मानकों के अनुसार केवल प्राकृतिक फलों, अनाज व तत्वों से प्राप्त एल्कोहल को ही पेय पदार्थों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। सिंथेटिक एल्कोहॉल का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह मानक हर तरह के पेय पदार्थ पर लागू रहेगा।
लेना होगा लाइसेंस
मानक लागू होने के बाद प्रदेश में ऐसे पेय पदार्थों की बिक्री के लिए खाद्य सुरक्षा अभिकरण से भी लाइसेंस लेना होगा। खाद्य पदार्थ की श्रेणी में शामिल होने के कारण बिक्री का लाइसेंस अभिकरण ही जारी करेगा। हालांकि, आबकारी विभाग के तहत अन्य सभी औपचारिकताएं पूर्ववत ही रहेंगी। अभिहीत अधिकारी (मुख्यालय) आरएस रावत ने इसकी पुष्टि की।