दून के नए जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मातहतों पर सख्ती के संकेत दिए हैं।
कलेक्ट्रेट का किया निरीक्षण
कहा कि ऐसा सिस्टम बनाना है, जिससे बहुत कम लोगों को कलेक्टर के पास आने की जरूरत पड़े। स्थानीय स्तर पर ही काम हो जाए। पंचायत और विधानसभा उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना नए जिलाधिकारी ने पहली प्राथमिकता बताई।
गुरुवार को निवर्तमान जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम से डबल लॉक का चार्ज लेने के बाद जिलाधिकारी यादव ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया।
इसके बाद डीएम कार्यालय के सभागार में पत्रकारों से मिले। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम सात बजे तबादले की जानकारी मिली।
इससे होमवर्क तो नहीं कर पाए लेकिन कानून व्यवस्था के साथ सरकार की नीतियां लागू करने पर अधिक ध्यान देंगे। समाज के आखिरी आदमी को शासन-प्रशासन के होने का अहसास कराने की कोशिश की जाएगी।
ई-गवर्नेंस पर रहेगा फोकस
उन्होंने बताया कि ज्यादा फोकस ई-गवर्नेंस पर रहेगा। यह सिस्टम उन्होंने पौड़ी डीएम के कार्यकाल के दौरान भी लागू किया था।
स्थिति की समीक्षा करेंगे जो सबसे बेहतर तरीका होगा उसे चुना जाएगा। प्रयास रहेगा कि हर व्यक्ति को उसका हक मिले।
संचार माध्यमों का अधिकतम उपयोग होगा जिससे संवादहीनता की स्थिति न आने पाए। जिलाधिकारी यादव ने बताया कि वह 2006 बैच के आईएएस हैं।
पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग में जिलाधिकारी के अलावा कुमाऊं मंडल विकास निगम के एमडी और शासन में अपर सचिव रहे हैं।
बाद में डीएम ने धिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। इस मौके पर सीडीओ आलोक पांडेय, एडीएम प्रताप सिंह शाह और सोनिका, संयुक्त मजिस्ट्रेट रंजना वर्मा, मुख्य कोषाधिकारी जगत सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
निवर्तमान डीएम को दी विदाई
दून बार एसोसिएशन ने समारोह आयोजित कर जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम को विदाई दी।
समारोह में एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सचिव रघुवीर सिंह कठैत, उपाध्यक्ष प्रकाश टी पाल, सह सचिव भानु प्रताप सिसौदिया, प्रभात बर्त्वाल आदि मौजूद रहे।