यह तर्क दिया गया कि मानसून के दौरान इंटरनेट का नेटवर्क खराब होने की वजह से पर्वतीय व दुर्गम इलाकों के छात्र आवेदन करने से वंचित रह गए। इन तमाम तथ्यों को ध्यान में रखते हुए शासन ने विभाग को अंतिम तारीख बढ़ाने के निर्देश दिए। आईटी प्रकोष्ठ ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है।
2018-19 के 2.41 लाख आवेदन
शैक्षणिक वर्ष 2018-19 में राष्ट्रीय पोर्टल पर दो लाख 41 हजार छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें बड़ी संख्या उन छात्रों के आवेदनों की भी है, जिन्होंने नवीनीकरण के लिए आवेदन किए थे। अभी पोर्टल पर इस शैक्षणिक वर्ष के आवेदनों के सत्यापन और जांच की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद पोर्टल आवेदनों के नवीनीकरण के लिए अलग से खुलेगा।
संबंद्धता के प्रमाण पत्र भी जरूरी
ऑनलाइन आवेदन के दौरान कई शिक्षण संस्थानों ने संबंधित संस्थानों या परिषदों से संबंद्धता के प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए हैं। इन सभी संस्थानों को तत्काल प्रमाण पत्र अपलोड करने को कहा गया है। साथ ही ताकीद किया गया है कि संबंद्धता प्रमाण पत्र न होने पर छात्रवृत्ति स्वीकृति नहीं दी जाएगी।