गढ़वाल मंडल में जंगलों में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। इसमें चमोली जिले में पोखरी में लगी आग पर चौथे दिन काबू पाया जा सका है। इन घटनाओं के मद्देनजर प्रमुख सचिव वन ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, वन विभाग की वेबसाइट में जंगल के आग की कोई घटना का उल्लेख नहीं है।
गढ़वाल मंडल के जंगल में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। 24 नवंबर को श्रीनगर के चौरास के ऊपरी क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की घटना हुई। इसके बाद 28 नवंबर को चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र में रैसू बीट के जंगल में लगी आग थी। इस आग पर काबू पाने की चार दिनों से कोशिश चल रही थी। आखिरकार वन विभाग ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
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रुद्रप्रयाग के भटवाड़ी के जंगल में 30 नवंबर को आग लगने की घटना सामने आई थी। अब चमोली जिले में ही उम्मटा ग्राम पंचायत के मौणा के जंगल में आग धधक उठी है। प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु कहते हैं कि चमोली के जंगलों में आग लगने की घटनाएं हुई हैं, उनकी जांच का आदेश दिया गया है। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल धीरज पांडे का कहना है कि प्रकरण में जांच करवाई जा रही है।