दिल्ली के सैलानी जोड़े की हत्या से जहां चकराता के लोग आहत हैं, वहीं आरोपियों की करतूत ने उन्हें गुस्से से भर दिया है। आरोपियों के खत (कई गांवों को जोड़कर बनाया गया क्षेत्र) के ग्रामीणों ने चारों आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है।
फैसले पर सामूहिक मुहर लगाने के लिए रविवार को सिरबा गांव में पंचायत बुलाई गई है, जिसमें खत से जुड़े सभी 12 गांवों के लोगों और आरोपियों के परिजनों को बुलाया गया है। पंचायत में हत्या के आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया जा सकता है।
23 अक्तूबर को चकराता में टाइगर फॉल से लौटने वक्त टैक्सी ड्राइवर राजूदास ने अपने साथियों बबलू, गुड्डू और कुंदन के साथ मिलकर दिल्ली निवासी युवती और उसके दोस्त अभिजीत की हत्या कर दी थी। आरोपियों ने युवती का शव लाखामंडल यमुना पुल से नीचे फेंक दिया था, जबकि अभिजीत का शव पुरोला पुलिस ने 30 अक्तूबर को नैनबाग चौकी क्षेत्र से बरामद किया था।
दस नवंबर को हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन हत्या से आहत-शर्मसार क्षेत्र के लोगों में गुस्सा कम नहीं हुआ है। चारों आरोपी खत बनगांव के टुंगरोली गांव के निवासी हैं।
खत के स्याणा (प्रमुख व्यक्ति) परम सिंह ने बताया कि रविवार को होने वाली पंचायत में निर्णय लिया जाएगा कि आरोपियों के परिजन, रिश्तेदार या फिर खत से जुड़ा कोई भी व्यक्ति उनकी अदालती कार्यवाही में मदद नहीं करेगा। आरोपियों का पूरी खत के लोग बहिष्कार करेंगे। बैठक में लोगों की राय के बाद आरोपियों के सामाजिक बहिष्कार पर भी निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही सैलानी जोड़े को श्रद्धांजलि दी जाएगी।