घोड़े पर सवार होकर आ रही मां
नवरात्र में इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही है। मान्यता है कि नवरात्र जिस दिन से शुरू होती है उसके आधार पर ही माता की सवारी तय होती है। यदि रविवार और सोमवार को नवरात्र की शुरुआत हो तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती है। मंगलवार और शनिवार को मां घोड़े पर सवार होकर आती है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मां डोली पर सवार होकर आती है। बुधवार को मां नाव पर सवार होकर आती है।
नौ स्वरूपों की पूजा की विधि और भोग अलग-अलग
नवरात्र में आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की विधि और भोग अलग-अलग प्रकार के होते है। मां के स्वरूपों के अनुरूप ही माता को भोग लगाया जाता है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। माता शैलपुत्री को सफेद रंग काफी प्रिय है। इसलिए उन्हें गाय की घी से तैयार भोग लगाना शुभ माना जाता है। मां शैलपुत्री की पूजा के बाद भोग में गाय के घी से बना हलवा, रबड़ी या मावा के लड्डू का भोग लगा सकते है।
- 9 अप्रैल- मां शैलपुत्री की पूजा
- 10 अप्रैल- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
- 11 अप्रैल- मां चंद्रघंटा की पूजा
- 12 अप्रैल- मां कुष्मांडा की पूजा
- 13 अप्रैल- मां स्कंदमाता की पूजा
- 14 अप्रैल- मां कात्यायनी की पूजा
- 15 अप्रैल- मां कालरात्रि की पूजा
- 16 अप्रैल- मां महागौरी की पूजा
- 17 अप्रैल- मां सिद्धिदात्री की पूजा