दो चरणों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। इसमें आवंटित की गई सीटों में कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध मिले थे। इसके बाद विवि की ओर से अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के लिए संबंधित जिलों को भेजे गए थे। सत्यापन के बाद जिला प्रशासन की ओर से विवि को रिपोर्ट भेजी गई।
फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर दाखिला पाने वाले तीन और एमबीबीएस अभ्यर्थियों के दाखिले रद्द कर दिए गए हैं। एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय की ओर से सत्यापन होने के बाद बुधवार को तीसरी सूची जारी की गई है। दो छात्रों में ओबीसी कोटा लगाया था जबकि एक ने अनाथ प्रमाणपत्र लगाया था।
विज्ञापन
इससे पहले 16 अभ्यर्थियों के दाखिले रद्द किए जा चुके हैं। अब रद्द होने वाले दाखिलों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। इसके अलावा तीसरे चरण की काउंसलिंग भी शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि अब तो दो चरणों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। इसमें आवंटित की गई सीटों में कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध मिले थे।
इसके बाद विवि की ओर से अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के लिए संबंधित जिलों को भेजे गए थे। सत्यापन के बाद जिला प्रशासन की ओर से विवि को रिपोर्ट भेजी गई। इसके आधार दाखिले रद्द किए गए हैं। इसके अलावा प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में पुलिस की ओर से एसआईटी का भी गठन किया गया है। अब तक कई आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
तीसरे चरण की काउंसलिंग शुरू हो गई है। अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के लिए जिला प्रशासन को भेजे जा रहे हैं। किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़े को स्थान नहीं मिलेगा। प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है।
- प्रो. डॉ. विजय जुयाल, परीक्षा नियंत्रक, एचएनबी मेडिकल विवि