फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून: नीट परीक्षा पास की, फर्जीवाड़ा कर कोटे से पाया एडमिशन, आरोपी छात्रा के पिता के साथ दो गिरफ्तार

Tue, 22 Sep 2026 03:44 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एसआईटी ने दो लोगों की गिरफ्तारी की है।
विज्ञापन
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एमबीबीएस दाखिले में छात्राओं के स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में मेरठ के दलाल रूपेश पंडित और एक आरोपी छात्रा परी के पिता अरविंद को गिरफ्तार किया है। रूपेश पंडित ने 45-45 लाख रुपये में दस्तावेज बनाने का ठेका लिया था। इसके लिए अरविंद ने दो और छात्राओं के प्रमाणपत्र के लिए सौदा किया और 20-20 लाख रुपये एडवांस दे दिए। बाकी रकम क्लास शुरू होने के बाद दी जानी थी। एसआईटी के रडार पर इस वक्त 10 से 12 और आरोपी आए हैं जिनकी जल्द ही गिरफ्तारी की जा सकती है।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने एसआईटी की इस कार्रवाई की जानकारी पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों नीट परीक्षा पास करने के बाद चार छात्राओं ने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी कोटे से दाखिला पाया था। मेडिकल विवि को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने प्रशासन से जांच कराई।

विज्ञापन


फर्जी आधार कार्ड बनाया और उसके माध्यम से प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया
प्रशासनिक जांच में सभी छात्राओं के दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने क्लेमेंटटाउन और रायपुर थाने में आरोपी छात्राओं व उनके परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसकी जांच के लिए एसपी देहात जया बलोनी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया जो कि पिछले तीन दिनों से जांच कर रही है।

एसआईटी ने शुरूआती तथ्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी छात्रा के पिता बहादरपुर खादर, लक्सर निवासी अरविंद को हिरासत में लिया। अरविंद ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बेटी और दो अन्य छात्राओं के लिए मेरठ द्वारिकापुरी कॉलोनी में एजुकेशन कंसलटेंसी चलाने वाले रूपेश पंडित से संपर्क किया था। रूपेश को वह कई वर्षों से जानता था।

एसएसपी ने बताया कि रूपेश ने अरविंद से कहा था कि वह इन छात्राओं को स्वतंत्रता सेनानी कोटे से दाखिला दिला सकता है। इसके बाद उसने फर्जी आधार कार्ड बनाया और उसके माध्यम से प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया। चंद दिनों बाद ये प्रमाणपत्र बन भी गए और तीनों छात्राओं के दाखिले एमबीबीएस में करा दिए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रूपेश विदेशों में भी भेजता है फर्जी प्रमाणपत्र

रूपेश पंडित मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। वह बीते पांच वर्षों से मेरठ में मेकोडो पाठशाला नाम से मेडिकल व अन्य परीक्षाओं की तैयारियां कराता है। इसकी आड़ में वह एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए आदि में एडमिशन दिलाने के लिए दलाली भी करता है। एसएसपी ने बताया कि अभी तक की पूछताछ में आया है कि वह विदेश की कुछ यूनिवर्सिटी में भी इस तरह से फर्जीवाड़ा कर दाखिले दिलाता है।

ये भी पढ़ें...विकासनगर:  शराब पीने के दौरान कहासुनी, विवाद में सीने में चाकू मारकर युवक की हत्या, आरोपी की बेटी का था जन्मदिन

कई और आरोपी रडार पर, आज गिरफ्तारी संभव

फर्जीवाड़े में शामिल कई और आरोपी एसआईटी के राडार पर आए हैं। यह काम एक बड़े गिरोह का माना जा रहा है। इसका दायरा भी पूरे प्रदेश में माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि एसआईटी आज भी कुछ गिरफ्तारियां कर सकती है। इसके लिए टीमों का गठन किया गया है। एसएसपी ने बताया कि अरविंद और रूपेश से पूछताछ के आधार पर कई और लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं।


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें