जल संसाधन मंत्री उमा भारती मंगलवार को विधानसभा पहुंची। यहां पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने केद्रीय मंत्री उमा भारती ने बताया, मोदी सरकार के काम का फंडा बताया।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार तीन तरह से काम कर रही है, उसमें पिछली केंद्र सरकार के जो अच्छे काम है, उसे आगे बढ़ा रही है। जो काम खराब हो गए थे, उन त्रुटियों को ठीक कर रही है। इसके अलावा नए कार्य कर रही है।
कहा कि पहले गंगा रिवर बेसिन अथारिटी बनने से कार्य में तेजी आएगी। यह महत्वपूर्ण फैसला है। अथारिटी बनने के बाद काम शुरू किया गया है, परिणाम के लिए एक निश्चित समय के लिए धैर्य रखना होगा।
2018 तक परिणाम आना शुरू हो जाएंगे। एफआरआई के साथ पेड़ आदि लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना है, जो निष्फल हो जाए। इस लिए सोच- विचार कर कदम उठाया जा रहा है। गंगा की सफाई के लिए एक हजार करोड़ की योजना बनाई गई है। हरिद्वार में नालों का ट्रीटमेंट, ऋषिकेश में भी सफाई आदि काम शुरू होगा।
इसकी योजना तैयार की गई है। कार्य जुड़ी औपचारिकताओं को राज्य सरकार के साथ मिलकर पूरा किया जाएगा। नमामि गंगे के तहत एक मॉडल को तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से भविष्य में अन्य नदियों में लागू करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने हाईकोर्ट के गंगा नदी को जीवित मानने के फैसले की सराहना की। इस मामले में केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने के बारे में जल संसाधन मंत्री थोड़ी असहज दिखी। उनका कहना था कि इस बारे में सही तथ्य केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय रख सकता है।