मनरेगा में मजदूरी की दर सभी राज्यों में प्रचलित कृषि मजदूरी दर के समान की जाएगी। उत्तराखंड सहित राज्यों द्वारा मनरेगा के तहत मजदूरी की दर को बढ़ाए जाने की मांग पर केंद्रीय समिति ने मनरेगा में मजदूरी की दर को कृषि मजदूरी दर के समान किए जाने की संस्तुति की है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह सांसद आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना को लागू कराने के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में अभी मनरेगा में मजदूरी 161 जबकि कृषि मजदूरी दर 204 रुपये दैनिक है।
सांसद आदर्श ग्राम योजना समीक्षा में उत्तराखंड की स्थिति काफी हद तक ठीक पाई गई। योजना के तहत चयनित आठ गांवों में 373 विकास योजनाओं का मसौदा तैयार किया गया है, जिसमें से 131 विकास योजनाओं का काम पूरा कर लिया गया है। प्रतिशत के लिहाज से योजना के तहत 30 फीसदी काम कराया जा चुका है। जबकि कई राज्यों में इसकी कमी रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य स्तर पर भी प्रत्येक तीन माह में योजनाओं की समीक्षा होनी चाहिए। सीमावर्ती गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने को स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जाएं। प्रशिक्षण व प्रशिक्षकों पर होने वाला खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। मनरेगा में मजदूरी व सामग्री पर होने वाले खर्च के अनुपात 60:40 में संशोधन का प्रस्ताव लाया जाएगा।
सांसदों की इस मांग पर कि आदर्श ग्रामों के लिए केंद्र सरकार अतिरिक्त फंड मुहैया कराए। कहा कि इसकी संभावना देखी जाएगी।
सीएम रावत ने दिया गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का मंत्र
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सेल्फ सस्टेनेबिलिटी मॉडल’ विकसित किए जाने की आवश्यकता है। कहा कि राज्य में सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए 28 करोड़ रुपये स्वीकृत देने के साथ ही 15 करोड़ अवमुक्त किए जा चुके हैं, जबकि नौ करोड़ रुपये व्यय भी किए जा चुके हैं।
सांसद यदि कन्वर्जेंस के आधार पर प्रस्ताव देते हैं तो राज्य सरकार द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत 2014-15 में प्रत्याशा में 456 करोड़ रुपये खर्च किए गए। केंद्र ने 312 करोड़ मुहैया कराएं है जबकि 142 करोड़ की प्रतिपूर्ति का इंतजार है।
इंदिरा आवास में हाल ही में एससी व एसटी का प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि जिन स्थानों पर एससी व एसटी के लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं, वहां सामान्य लाभार्थियों के लिए अनुमति प्रदान की जाए। मनरेगा में यातायात लागत के अनुपात को 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए।
मुख्यमंत्री कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा को प्रकोष्ठ का गठन होगा जो प्रत्येक तीन माह में योजनाओं की समीक्षा करेगा। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री प्रीतम सिंह, सांसद भगत सिंह कोश्यारी, राजलक्ष्मी शाह, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तरुण विजय सहित पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़ के सांसदों अपने सुझाव दिए। केंद्र में संयुक्त सचिव अपराजिता सारंगी ने मनरेगा योजना की जानकारी दी।
बागेश्वर के आदर्श ग्राम ‘सूपी’ की रही चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान बागेश्वर के सांसद आदर्श ग्राम सूपी की जबरदस्त चर्चा की। इन गांव में अधिकारियों ने न सिर्फ जबरदस्त विकास कार्य कराएं साथ ही गांव को पर्यटन गांव के रूप में भी विकसित कर दिया है। गांव का कायाकल्प होने के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक भी आ रहे है। जिससे गांव में आय के स्रोतों में भी वृद्धि हुई है। जिसका उपयोग गांव के विकास में ही किया जा रहा है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री व जम्मू-कश्मीर के सांसदों ने छोड़ी बैठक
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती सईद की एम्स नई दिल्ली में इलाज के दौरान हुई मौत की जानकारी मिलते ही केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह व जम्मू कश्मीर के तमाम सांसद बैठक छोड़कर रवाना हो गए। केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसदों के जाने के बाद वहां के अधिकारियों ने अपने अपने जिलों के आदर्श गांवों में हुए विकास की जानकारी दी।