मोदी सरकार उत्तराखंड को मेट्रो की सौगात देने में बड़ी मदद करने वाली है। देश के इस सबसे बड़े मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर अप्रैल से काम पूरी गति से आगे बढ़ेगा।
उत्तराखंड में मेट्रो केंद्र और राज्य सरकार की आधी-आधी हिस्सेदारी से चलेगी। केंद्र सरकार की नई मेट्रो पॉलिसी के तहत ही रेल अलाइनमेंट को लेकर सर्वे भी होगा। उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूएमआरसी) सर्वे की तैयारी कर रहा है।
केंद्र सरकार ने आम बजट के साथ पेश हुए रेल बजट में नई मेट्रो रेल पॉलिसी भी लांच की। उत्तराखंड में प्रस्तावित प्लान भी नई पॉलिसी के तहत बनाया जाना है।
सर्वे और योजना के क्रियान्वयन को लेकर हुई चर्चा
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
इसको लेकर यूएमआरसी के एमडी जितेंद्र त्यागी ने दिल्ली में सचिव आवास आर मीनाक्षी सुंदरम से मुलाकात की। जिसमें नई पॉलिसी के अनुसार सर्वे और योजना के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई।
परियोजना के लिए राज्य और केंद्र के स्तर पर ज्वाइंट वेंचर बनाया जाएगा, जिसमें दोनों की 50-50 फीसदी की हिस्सेदारी होगी।
मेट्रो रेल परियोजना के तहत दून के आंतरिक क्षेत्रों को जोड़ने के साथ ही हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश को भी जोड़ा जाना है। देश के इस सबसे बड़े मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर अप्रैल से काम पूरी गति से आगे बढ़ेगा।
अब होगा विस्तृत सर्वे
metro
- फोटो : अमर उजाला
प्रारंभिक सर्वे के बाद रेल अलाइनमेंट और रूट को लेकर विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसमें शहर के ट्रैफिक सिस्टम को इंटर कनेक्ट करने की योजना है।
इसके तहत आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर अनिवार्य रूप से स्टेशन होंगे। रेलवे स्टेशन हर्रावाला शिफ्ट होने की दशा में मेट्रो स्टेशन भी वहीं पर बनेगा। इसके अलावा हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश में भी इंटरनल ट्रैफिक सिस्टम को कनेक्ट करने की योजना है।
आसान होगा प्रोजेक्ट बनाना
नई पॉलिसी के तहत राज्य के लिए मेट्रो रेल परियोजना बनाना कुछ आसान हो सकता है। पॉलिसी में उन्हें फंड जुटाने, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और योजनाओं के क्रियान्वन की शर्तों में शिथिलता दी गई है, जिसका वह लाभ उठा सकते हैं। लागत कम करने के लिए ट्रैफिक रेशनलाइजेशन जैसे विकल्पों के चलते इस दिशा में तेजी से काम होने की संभावना है।
केंद्र सरकार ने मेट्रो पॉलिसी का जो संशोधित ड्राफ्ट तैयार किया है, उसका अध्ययन किया जा रहा है। उसके अनुसार ही प्रदेश में परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में काम होगा।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, आवास