आयुर्वेदिक उत्पादों के साथ साबुन-तेल बनाकर बेचना योगगुरु बाबा रामदेव को भारी पड़ सकता है। सेंट्रल एक्साइज डिर्पाटमेंट की टीम ने बुधवार को पतंजलि योगपीठ में साबुन-तेल के कारोबार से जुड़े सभी दस्तावेजों को खंगाला।
पचास करोड़ के कारोबार का चिट्ठा
सूत्रों के मुताबिक करीब पचास करोड़ के कारोबार का चिट्ठा तैयार कर टीम रवाना हो गई है। जल्द ही इस पर टैक्स लगाने की कार्रवाई को शुरू किया जा सकता है।
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सूत्रों के अनुसार बुधवार को दिल्ली से सेंट्रल एक्साइज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम पतंजलि योगपीठ पहुंची थी। यहां उन्होंने बाबा रामदेव की कंपनियों के बनाए गए साबुन-तेल के बारे में ब्योरा जुटाया।
विभाग का तर्क था कि साबुन और तेल के कारोबार को आयुर्वेदिक उत्पादों की तरह छूट नहीं दी जा सकती है। टीम ने दोनों उत्पादों के निर्माण और कारोबार संबंधी सभी दस्तावेज जुटाए।
दस्तावेजों को खंगाला
पिछले पांच सालों के कारोबार के दस्तावेजों को देर शाम तक खंगाला गया। सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर टीम अपने साथ ले गई है। सूत्रों के मुताबिक टीम को करीब पचास करोड़ के कारोबार के दस्तावेज हाथ लगे हैं। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के तहत टैक्स लगाया जा सकता है।
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