इन प्रमुख घाटियों में जाने के लिए चाहिए इनरलाइन परमिट
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर नेलांग घाटी में जाने के लिए इनर लाइन परमिट चाहिए होता है। जड़ोंग गांव चीन सीमा से 60 किमी दूरी पर है, यहां विदेशी पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध है। पिथौरागढ़ की व्यास घाटी के नाभी और कुटी गांवों में भी भ्रमण के लिए इनरलाइन परमिट चाहिए। छियालेख से आगे भी परमिट की जरूरत होती है। प्रदेश में ऐसे ही कई और इलाके हैं जहां घूमना प्रतिबंधित है। बता दें कि राज्य में चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले की सीमाएं चीन सीमा से सटी हैं। पिथौरागढ़ का एक हिस्सा नेपाल की सीमा को छूता है। जबकि ऊधमसिंह नगर और चंपावत भी नेपाल की सीमा से सटे हैं। इन जिलों की घाटियों में स्थित गांवों में प्रवेश के लिए परमिट की जरूरत होती है।
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गृह विभाग इनर लाइन परमिट की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। केंद्र सरकार ने समग्र प्रस्ताव बनाकर भेजने के लिए कहा है। इस संबंध में गृह मंत्रालय के स्तर पर वीडियो कांफ्रेंस पर कुछ बैठकें हो चुकी हैं। सीमांत जिलों से संबंधित जिलाधिकारियों को हितधारकों के साथ चर्चा कर एक प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। पर्यटन, वन एवं आईटीबीपी से भी प्रस्ताव देने को कहा गया है। सभी प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद एक समग्र प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेज दिया जाएगा। -रिद्धिम अग्रवाल, विशेष सचिव, गृह