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लोहे के तो छोड़ों सीमेंट के खंबे भी मुड़ने लगे साहब

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आईएसबीटी के समीप विद्युत नियामक आयोग कार्यालय में उपभोक्ता की समस्या सुनते आयोग के सदस्य
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विद्युत नियामक आयोग में जन सुनवाई के दौरान प्रेमनगर के एक उपभोक्ता ने यूपीसीएल की पोल खोल कर रख दी। उपभोक्ता ने अधिकारियों के सामने कई मामलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाए, जिस पर अधिकारी जवाब नहीं दे सके। उपभोक्ता ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। आलम ये है कि लोहे के खंभे तो मुड़ते देखे थे अब तो सीमेंट के खंभे भी मुड़ने लगे हैं। यही नहीं उपभोक्ता ने बिल के कागज से लेकर इस्टीमेट में बातें छुपाने और भुगतान प्रक्रिया में भी यूपीसीएल को आड़े हाथ लिया। आयोग ने अधिकारियों को इस सब समस्याओं का संज्ञान लेकर जल्द कार्रवाई के आदेश दिए।
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मंगलवार को सहारनपुर रोड स्थित विद्युत नियामक आयोग में जन सुनवाई कार्यक्रम में पहले अधिकारियों ने अपने सुझाव और प्रस्ताव आयोग के सामने रखे। इसके बाद वहां उपभोक्ताओं की शिकायतें और सुझावों को सुना गया। हरिद्वार की एक सोसाइटी के निवासी लोगों ने आयोग के सामने वहां के बिल्डर की मनमानी को रखा। कहा कि बिल्डर जबरन उन्हें अपने स्तर से विद्युत कनेक्शन ऊंची दरों पर देना चाहता है, लेकिन उन्हें यूपीसीएल से कनेक्शन चाहिए। साढ़े तीन हजार रुपये के स्थान पर बिल्डर उनसे 60 हजार रुपये वसूल रहा है। इस पर आयोग ने निगम को समस्या के हल का आदेश दिया।
इसके बाद प्रेमनगर निवासी वीरू बिष्ट ने तमाम समस्याओं की ओर आयोग का ध्यान खींचा। बिष्ट ने कहा कि उपभोक्ताओं से इस्टीमेट के पैसे तो वसूले जाते हैं, लेकिन इस्टीमेट में क्या क्या लगा किस किस चीज में ये पैसे खर्च होंगे, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी जाती है। बिष्ट ने इस्टीमेट की एक कॉपी उपभोक्ता को भी दिए जाने की मांग की। इस पर आयोग ने कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को जल्द इस समस्याओं के निदान के आदेश दिए।
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उपभोक्ताओं की शिकायतें और सुझाव
- नए कनेक्शन धारकों को निगम केबल चार्ज लेकर भी केबल उपलब्ध नहीं करा रहा है।
- ऑनलाइन बिल जमा करने के लिए वेबसाइट की हालत खराब है, लिहाजा इसे ठीक कराया जाए।
- उपभोक्ताओं को इस्टीमेट की कॉपी भी उपलब्ध कराई जाए ताकि पता लगे कि उनके पैसे कहां खर्च हुए।
- खंभों की गुणवत्ता बेहद खराब है, लिहाजा इनकी जांच कराई जाए। मेटीरियल को परखा जाए।
- नए कनेक्शन के तहत खंभों पर नंगी तार के स्थान पर बंच केबल लगाए जाएं।
- शुरुआत में नंगी तारें लगाकर बाद में बंच केबल बदलवाने पर निगम का पैसा बर्बाद न किया जाए।
- बिल का कागज बेहद खराब है और जानकारी अंग्रेजी में है। इसे हिंदी में उपलब्ध कराया जाए।
तो क्या आप चोरी को बढ़ावा दे रहे हैं
यूपीसीएल के सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर (कमर्शियल) गौरव शर्मा के एक सुझाव पर आयोग के सदस्य ने उन्हें फटकार भी लगाई। शर्मा ने कहा कि उपभोक्ता जितने भार की चोरी कर रहा है उतना ही जुर्माना उस पर लगाया जाना चाहिए। उनका सुझाव था कि दोगुने जुर्माने के बजाय इस जुर्माने को कम किया जाए। इस पर आयोग के सदस्य ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि यह सुझाव आपका चोरी रोकने को है या चोरी को बढ़ावा देने के लिए।
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यूपीसीएल के अधिकारियों के सुझाव
- 33 केवीए के सब स्टेशन के निर्माण की अवधि 180 दिन है। यह अवधि लैंड ट्रांसफर होने के बाद लागू की जाए।
- कब्जे वाले स्थानों पर बिजली कनेक्शन दिया जाए या नहीं इसके लिए प्रावधान होना चाहिए।
- ट्यूबवेल की आड़ में कमर्शियल कनेक्शन लेने की व्यवस्था पर लगाम लगाई जाए।
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