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सत्ता की आहट से त्रिवेंद्र सिंह रावत के घर पर उत्सवी माहौल

Tue, 14 Mar 2017 10:13 AM IST
विपिन बनियाल/ अमर उजाला, देहरादून
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त्रिवेंद्र सिंह - फोटो : AmarUjala
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रुद्र विला, 130-सी, सेक्टर-3, डिफेंस कॉलोनी, देहरादून। बीजेपी नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत के घर का ये पता है। सत्ता की आहट मात्र ने इस घर के आसपास की फिजां बदल दी है।
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शहर से हटकर डिफेंस कालोनी के इस इलाके में अमूमन शांति रहती है। मगर अब हर पल उत्सवी माहौल है। त्रिवेंद्र सिंह रावत में राज्य के नए सीएम का अक्स देख रहे लोगों के कदम रुद्र विला की ओर अनायास ही चल पड़ रहे हैं। सत्ता की आहट का दम देखिए कि उसने यहां की पूरी फिजां ही बदल डाली है।

रावत से मिलने वालों में बीजेपी के निचले स्तर के कार्यकर्ता शामिल हैं, तो मुन्ना सिंह चौहान जैसे तेजतर्रार विधायक भी, जो कि सत्ता कि सत्ता के समीकरणों को नए सिरे से समझ लेना चाहते हैं। और तो और अफसरों ने भी हाजिरी बजानी शुरू कर दी है। ये वो स्थिति है, जबकि हाईकमान ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को सीएम बनाने का कोई इशारा नहीं किया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ इस रेस में सतपाल महाराज और प्रकाश पंत जैसे दिग्गज भी पूरी ताकत लगाकर दौड़ रहे हैं।
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रावत इससे पहले 2007 में भी चुनाव जीते थे। तब भी उनके निवास पर समर्थकों का हुजूम उमड़ा था। मगर समर्थकों की चाहत का आसमान तब आज जैसा विशाल नहीं था। समर्थक अपने नेता को सिर्फ मंत्री बनते देखना चाहते थे। उनकी मुराद पूरी भी हुई थी। मगर इस बार समर्थक अपने नेता को सिर्फ सीएम देखना चाहते हैं।

हाथों में बुके लिए पहुंची डोईवाला की सरिता जोशी कहती हैं-हम संगठन में सिर्फ त्रिवेंद्र जी को सबसे पहले से जानते हैं। वो ही सीएम की कुर्सी को बेहतर संभाल सकते हैं। वैसे, समर्थकों की भावनाओं से इतर त्रिवेंद्र सिंह रावत बेहद सतर्क प्रतिक्रिया के साथ सभी से मिल रहे हैं। यूपी के जमाने में बीजेपी के उत्तराखंड संगठन मंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत जानते हैं कि सत्ता की राह किस कदर पथरीली है। जरा सी ऊंच-नीच हुई नहीं कि सब कुछ हाथ से पिघल जाता है।

इसलिए जुबान पर या तो समर्थकों के आभार है या फिर संगठन की सर्वोच्चता की बात। एक सधे हुए राजनेता की तरह अपनी दावेदारी को वह अनूठे अंदाज में आगे बढ़ा रहे हैं। बकौल, त्रिवेंद्र-मैं सिर्फ ये जानता हूं कि पार्टी के प्रति वचनबद्धता और विचारधारा के सम्मान के मामले में मैं बहुत मजबूत हूं। इसी के लिए पूरा समय काम किया है।

इससे आगे त्रिवेंद्र सिंह रावत कुछ कहने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्हें इस बात का भी अंदाजा है कि पार्टी में नए मेहमानों के मुकाबले पुराने नेताओं के साथ कार्यकर्ता दिल से खड़े हैं। सत्ता की ऊंचाइयों को छूने के लिए उनके प्रयासों में कार्यकर्ता अपना काम बखूबी निभा रहा है। आंकलन हाईकमान को करना है, लेकिन सत्ता की आहट से ही त्रिवेंद्र सिंह रावत के यहां होली का उत्सवी माहौल इस बार जिस तरह का बना है, वैसा पहले कभी नहीं रहा। 
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