केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अब निजी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का अभियान शुरू कर दिया है। बोर्ड निजी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करा रहा है। सीबीएसई देहरादून बीते एक माह में 15 से अधिक जगहों पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टीचर्स रायबरेली के सहयोग से वर्कशॉप आयोजित करा चुका है।
सीबीएसई देहरादून से मिली जानकारी के मुताबिक बोर्ड ने देशभर में अलग-अलग जगहों पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए हैं। इनमें केंद्रीय विद्यालयों के रिटायर्ड अधिकारी, शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं। सीबीएसई देहरादून की ओर से पूरे रीजन में वर्कशॉप कराने का सिलसिला जारी है। इसमें शिक्षकों को जेंडर सेंसिटिविटी, लाइफ स्किल्स के साथ ही क्लासरूम मैनेजमेंट के गुर सिखाए जाते हैं।
उन्हें न केवल प्रोजेक्ट पर सभी मुद्दों को समझाया जा रहा है, बल्कि व्यवहारिक तौर पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीबीएसई के मुताबिक इससे एक माह के भीतर ही बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जहां भी वर्कशॉप होती है, वहां खुद सीबीएसई देहरादून के अधिकारी मौजूद रहकर शिक्षकों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित कर रहे हैं।
15 अप्रैल के बाद करें दाखिले
उधर, सीबीएसई देहरादून ने आने वाली बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर सभी संबद्ध स्कूलों को एक सर्कुलर भेजा है। इसके मुताबिक स्कूलों को कहा गया है कि 15 अप्रैल के बाद ही नए सत्र के दाखिले शुरू करें, ताकि इससे पहले बोर्ड की परीक्षा उत्तर पुस्तिकाएं चेक की जा सकें।
पहली बार यह शुरुआत की जा रही है, ताकि सीबीएसई अपना बोर्ड रिजल्ट समय से तैयार कर सके। अभी तक बोर्ड एग्जाम खत्म होने से भी पहले स्कूल नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया शुरू कर देते हैं, जिसमें शिक्षकों के व्यस्त होने से मूल्यांकन प्रभावित होता है।