क्वींस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा ने फेल होने पर घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि उसे किसी ने डांटा भी नहीं था। फिर भी वह परीक्षा में अपनी हार बर्दाश्त नहीं कर सकी। कालेज में वह सबसे तेज दौड़ने वाली धावक थी। कालेज के अध्यापक भी घटना से काफी दुखी हैं।
बागेश्वर जिले के कपकोट निवासी फौजी की बेटी दमुआढूगा में अपने ताऊ के साथ रहती थी। क्वींस कालेज में वह 12 वीं की छात्रा थी। परिजनों का कहना है कि दोपहर में उसने अपने भाइयों को खाना खिलाने के बाद खुद खाना खाया। इसके बाद उसने सीबीसीएसई का परिणाम देखा। फेल होने पर वह काफी मायूस हो गई।
चुपके से वह कमरे में जाने के बाद पंखे से फंदा लगाकर फांसी लगा ली। परिवार के सदस्यों ने जब दरवाजा खोला तो उसकी गर्दन पंखे से लटकी पड़ी थी। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर भोटिया पड़ाव स्थित एक निजी अस्पताल गए लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने घटना की जानकारी छात्रा के पिता को दी।
बेटी के मौत की सूचना मिलने के बाद पिता इलाहाबाद में नौकरी से छुट्टी लेकर चल दिए। छात्रा की मां गांव में रहती है। घटना की जानकारी मिलने के बाद दमुवाढूंगा क्षेत्र की लड़कियां भी शव देखने के लिए गई। ताऊ का परिवार काफी पश्चाताप कर रहा था। परिवार के सदस्यों का कहना था कि उसे कोई डांटता भी नहीं था। काफी समझदार लड़की थी लेकिन दिल की इतनी कमजोर होगी। किसी ने सोचा नहीं था।