एनआरएचएम दवा घोटाले की जांच सीबीआई करेगी। शासन की संस्तुति पर सीबीआई के केंद्रीय मुख्यालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सीबीआई ने घोटाले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच को शासन से अनुमति मांगी है। अब घोटाले से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने की उम्मीद जग गई है। आरोप है कई स्तर से अधिकारियों को आतंकित कर जांच प्रभावित करने की कोशिश होती रही है।
एनआरएचएम दवा घोटाला का जिन्न फिर बोतल से बाहर आ गया है। केंद्र सरकार ने एनएचआरएम के तहत अस्पतालों में मुफ्त दवा वितरित करने की योजना लागू की थी। देशभर में दवा घोटाले सामने आने के बाद जांच सीबीआई के सुपुर्द की गई थी। रुड़की में वर्ष 2010 में कई करोड़ की दवा नाले में पाई गई थी।
मामला उछला तो शासन ने जांच के आदेश दिए। लीपापोती कर जांच को दबाने की कोशिश की गई। वर्ष 2014 में जांच राज्य सूचना आयुक्त के सुपुर्द की। आरोप है कि जांच प्रभावित करने को आयुक्त को कई बार जान से मारने की धमकी मिली। जांच का दबाव बढ़ने पर शासन ने दवा घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की थी। सीबीआई मुख्यालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यालय के आदेश मिलने के बाद सीबीआई के देहरादून मुख्यालय ने अधिकारियों के खिलाफ जांच करने को अनुमति मांगी है। शासन से अनुमति मिलते ही सीबीआई दवा घोटाले की परतें खोलनी शुरू कर देगी, क्याेंकि सीबीआई दवा घोटाले को लेकर पहले काफी होमवर्क कर चुकी है।