राजपुर पुलिस ने आंचल के पिता अनिल कोहली की तरफ से पति राहुल पांधी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। पहले विवेचना थाना स्तर पर हुई, लेकिन डेढ़ माह बाद तत्कालीन डीजीपी एमए गणपति के आदेश पर एसपी श्वेता चौबे की अगुवाई में गठित एसआईटी को सौंप दी थी।
एसपी ने आरोपी पति राहुल की गिरफ्तारी के साथ आंचल के सुसाइड नोट, पैनल द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट, गठित मेडिकल बोर्ड से मशविरे और विसरा जांच रिपोर्ट के आधार पर हत्या के मुकदमे को खुदकुशी के उकसाने के आरोप में तरमीम कर दिया था। विवेचना में राहुल की मां और दो बहनों को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस जांच से असंतुष्ट पिता अनिल कोहली ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बाद में यह विवेचना सीबीसीआईडी हल्द्वानी सेक्टर के सुपुर्द की गई।
नैनीताल हाईकोर्ट ने कई माह पहले सीबीआई को आंचल पांधी की हत्या की जांच के आदेश दिए थे, तब से सीबीआई विवेचना लेने में ना-नुकुर कर रही थी। हाईकोर्ट ने आदेश की अवेहलना को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई को 11 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। जवाब दाखिल करने से चार दिन पहले सीबीआई की लखनऊ शाखा ने अनिल कोहली की तरफ से पति, सास और ननंदाें के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक आंचल पांधी की हत्या की विवेचना शुरू करने के लिए हाई पावर टीम मंगलवार को देहरादून पहुंच रही है, जो नए सिरे से जांच शुरू करेगी।