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डिप्टी डायरेक्टर के घर सीबीआई का छापा

Thu, 26 Dec 2013 09:07 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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आय से अधिक संपत्ति जमा करने की शिकायत पर सीबीआई ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहायक निदेशक (एडी) परीक्षित कुमार के घर छापा मारा। इस दौरान सीबीआई ने कई नामी-बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज कब्जे में ले लिए।
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कुमार के विभिन्न बैंक खातों में करोड़ों की रकम का भी पता लगा है। सीबीआई देहरादून के डीआईजी नीलाभ किशोर ने इस छापे की पुष्टि की है।

उत्तराखंड पुलिस के इंस्पेक्टर परीक्षित कुमार करीब एक साल पहले प्रतिनियुक्ति पर प्रवर्तन निदेशालय गए थे। वे प्रवर्तन निदेशालय की देहरादून ब्रांच में तैनात हैं। कुमार इसके पहले डालनवाला, मसूरी और ऊधमसिंह नगर आदि जगहों पर प्रभारी निरीक्षक रह चुके हैं।

मिल रही थी शिकायत
दिल्ली सीबीआई अधिकारियों को कई महीने से परीक्षित कुमार के खिलाफ अवैध स्रोतों से संपत्ति हासिल करने की शिकायत मिल रही थी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, हवाला के जरिए आने वाली रकम की जांच में भी परीक्षित कुमार पर घपले की शिकायत थी।
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सीबीआई ने गुपचुप तरीके से छानबीन की तो प्रथमदृष्ट्या आरोप सही पाए गए। दिल्ली से पहुंची टीम ने सीबीआई की देहरादून ब्रांच के अफसरों को साथ लेकर बुधवार सुबह परीक्षित कुमार की नैमी रोड स्थित आलीशान कोठी में छापा मारा। अचानक हुई कार्रवाई से सहायक निदेशक के घर वाले सकपका गए।

मिली काफी सम्पत्ति
छापे के वक्त परीक्षित कुमार घर में ही मौजूद थे। सीबीआई ने शाम तक उनके घर में दस्तावेज खंगाले। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, उनके घर से काफी नगदी, गहने, विभिन्न बैंकों की पास बुक, बैंक लॉकरों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं।

29 को है बेटे की शादी
परिचितों ने बताया कि परीक्षित कुमार के बेटे की शादी 29 दिसंबर को होनी है। बुधवार को भी परिवार वाले और रिश्तेदार शादी की तैयारी में जुटे थे। एक तरफ हलवाई आंगन में पकवान बना रहे थे तो दूसरी तरफ सीबीआई घर के अंदर छानबीन में जुटी थी।

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने छापेमारी के लिए शादी से पहले का वक्त चुना ताकि घर में आने वाली रकम और गहनों का पूरा ब्यौरा मिल सके।

विवादों से है पुराना नाता
ईडी के सहायक निदेशक परीक्षित कुमार उत्तराखंड पुलिस में रहते हुए भी विवादों से जुड़े रहे हैं। उन पर संपत्ति कब्जाने, प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाने और अवैध स्रोतों से संपत्ति कब्जाने के आरोप लगते रहे हैं।

दून में तैनाती के दौरान सांसद फूलनदेवी की हत्या के आरोपी शेर सिंह राणा की प्रेस कांफ्रेस कराने में भी तत्कालीन इंस्पेक्टर परीक्षित कुमार का नाम सामने आया था।

जजेज क्वार्टर घोटाले में आरोप
परीक्षित पर डालनवाला क्षेत्र में ही चर्चित जजेज क्वार्टर भूमि घोटाले में एक आरोपी को फायदा पहुंचाने का परीक्षित कुमार पर आरोप लगे थे। शिकायत पर विजिलेंस ने भी मामले की जांच की थी।

दून में ही तैनाती के दौरान हवालात से लूटे गए हथियारों की कारगी चौक के बरामदगी में तब इंस्पेक्टर परीक्षित कुमार की भूमिका पर सवाल उठे थे। उधमसिंहनगर में तैनाती के दौरान हिरासत में हुई एक सख्श की मौत मामले भी उन पर लापरवाही का आरोप है।

मॉल और बार में लगा है पैसा
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई को इस बात का भी पता लगा है कि ईडी के सहायक निदेशक परीक्षित कुमार ने राजपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट बार और मॉल में भी मोटी रकम लगाई है। सूचना पर सीबीआई ने मॉल और बार से भी महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए हैं।

विदेशी टीवी की जांच
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि, परीक्षित कुमार के पास मौजूद एलसीडी की खरीद की भी जांच की जा रही है। बताया गया कि यह एलसीडी विदेश से मंगाई गई है। जिसकी खरीद में कस्टम नियमों का उल्लंघन किया गया है।

ईडी में नियुक्ति पर भी सवाल
उत्तराखंड पुलिस के इंस्पेक्टर परीक्षित कुमार की प्रवर्तन निदेशालय में नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। भ्रष्ट छवि वाले पुलिस अफसर को भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाले प्रवर्तन निदेशालय जैसे महत्वपूर्ण महकमे ने कैसे प्रतिनियुक्ति दे दी। यही नहीं महत्वपूर्ण पद भी दे दिया गया।
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