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Dehradun News: फर्जीवाड़े से आईआईटी रुड़की में ड्राइवर बने व्यक्ति पर सीबीआई ने दर्ज किया मुकदमा

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I-आयु सीमा पार कर चुके व्यक्ति ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी 2023 में नौकरी
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Iफर्जीवाड़ा कर आईआईटी रुड़की में ड्राइवर की नौकरी पाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि व्यक्ति ने खुद की उम्र करीब आठ साल कम दर्शाई और यह नौकरी हासिल की। वह इस नौकरी के लिए वर्ष 2018 में भी आवेदन कर चुका था। उस वक्त उसकी जन्मतिथि अलग थी। सीबीआई ने एक गुप्त शिकायत के आधार पर जांच की और उसके खिलाफ एंटी करप्शन ब्रांच देहरादून में मुकदमा दर्ज कर लिया।
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Iसीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार सचिन राठी निवासी शामली रोड, जवाहर नवोदय विद्यालय के पास, बघरा मुजफ्फरनगर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। सचिन राठी ने इसी साल अगस्त में आईआईटी रुड़की में ड्राइवर ग्रेड-द्वितीय के पद पर नौकरी पाई थी।
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Iसीबीआई ने जांच की तो पता चला कि सचिन राठी की जन्मतिथि 25 नवंबर 1988 है और उसने वर्ष 2005 में जनता इंटर कॉलेज हर्षोली मुजफ्फरनगर से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। सचिन को कोई रोजगार नहीं मिल रहा था और वह उम्र सीमा भी पार कर चुका था। ऐसे में उसने मार्कंडेय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामपुर, गाजीपुर उत्तर प्रदेश से एक नियमित छात्र के रूप में हाईस्कूल की परीक्षा दी। इसमें उसने अपनी जन्मतिथि 15 नवंबर 1996 दर्शाई।
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Iइसके बाद राठी एक नवंबर 2016 को साइबेक्स सपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड दयानंद कॉलोनी लाजपत नगर, नई दिल्ली में ड्राइवर के रूप में नियुक्त हो गया। यहां उसने कुशल श्रेणी के ड्राइवर के रूप में 31 मई 2017 तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वह उच्च कुशल श्रेणी के ड्राइवर के तौर पर काम करने लगा। वह 2023 तक इसी कंपनी के रोल पर बना रहा।
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Iयही कंपनी आईआईटी रुड़की में भी आउटसोर्स के आधार पर ड्राइवर उपलब्ध कराती है। लिहाजा वह 2016 से ही आईआईटी रुड़की में काम कर रहा था। इसी बीच वर्ष 2018 में ड्राइवर ग्रेड-द्वितीय की आईआईटी में भर्ती निकली तो उसने आवेदन किया और अपनी जन्मतिथि 1988 ही दर्शाई।
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Iलेकिन, उस वक्त वह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद पिछले साल जुलाई में भर्ती निकली तो उसने दूसरी बार के हाईस्कूल के प्रमाणपत्र दाखिल किए। लेकिन, कंप्यूटरीकृत डाटा से उसका पुराना डाटा भी सामने आ गया, जिसमें उसकी आयु आठ वर्ष अधिक थी। लिहाजा, उसका भेद खुल गया।I
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