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Doon Hospital: हाईटेक होगी कैथ लैब, तीन विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे इलाज, अप्रैल के अंत तक हागी शुरू

Wed, 12 Apr 2023 04:43 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कैथ लैब के लिए दो नए हृदय रोग विशेषज्ञ आ रहे हैं। फिलहाल अभी यह डॉक्टर कांट्रेक्ट पर रखे जाएंगे। इसके अलावा अन्य स्टाफ भी लाया जा रहा है।
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दून अस्पताल की कैथ लैब में दो नए हृदय रोग विशेषज्ञ आएंगे। ये डॉक्टर सिर्फ एमबीबीएस नहीं डॉक्टरेट इन मेडिसिन (डीएम) की डिग्री धारक यानी हृदय रोग विशेषज्ञ होंगे। यह कैथ लैब उत्तराखंड के सरकारी अस्पताल में पहली कैथ लैब होगी, जहां पर सरकारी डॉक्टर सरकारी सुविधाओं के तहत मरीजों का इलाज करेंगे। अप्रैल के अंत तक कैथ लैब शुरू होने वाली है।

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दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कैथ लैब के लिए दो नए हृदय रोग विशेषज्ञ आ रहे हैं। फिलहाल अभी यह डॉक्टर कांट्रेक्ट पर रखे जाएंगे। इसके अलावा अन्य स्टाफ भी लाया जा रहा है। इसमें स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन आदि शामिल होंगे। कैथ लैब में हार्ट के गंभीर मरीजों को इलाज दिया जाएगा। ऐसे में मरीजों को अन्य अस्पतालों के लिए रेफर नहीं करना होगा। अस्पताल में वर्तमान में सिर्फ एक हृदय रोग विशेषज्ञ हैं।

एक अपॉइंटमेंट हो गया 
डॉ. सयाना ने बताया कि कैथ लैब में काम करने के लिए डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के फोन आ रहे हैं। मंगलवार को एक सीनियर रेजिडेंट (एसआर) इंटरव्यू के लिए आई थीं। डॉक्टर के पास कार्डियोलॉजी में डिप्लोमा है। डॉक्टर का अपॉइंटमेंट हो गया है। यह डॉक्टर की सहायक के तौर पर काम करेंगी। इसके अलावा अन्य चार जूनियर डॉक्टर भी कार्डियोलॉजी में काम करेंगे।
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कैथ लैब में हो सकेंगी ये सर्जरी 
दून अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमर उपाध्याय ने बताया कि कैथ लैब शुरू होने के बाद एनजीओ प्लास्टी की सुविधा शुरू हो जाएगी। बच्चों में दिल के छेद को ठीक किया जाएगा, वॉल्व में सिकुड़न, किसी नस में ब्लॉकेज आदि का उपचार और दिल से संबंधित अन्य सर्जरी भी हो सकेंगी।

निजी अस्पताल में आयुष्मान की एंजियोप्लास्टी 
डॉ. अमर उपाध्याय ने बताया कि अस्पताल में रोजाना की ओपीडी में करीब 50 मरीज दिल के इलाज के लिए आते हैं। इसके अलावा हार्टअटैक के 80% मरीज ऐसे हैं जिनकी मौत हो जाती है और वह अस्पताल नहीं आ पाते हैं। आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों की एंजियोप्लास्टी निजी अस्पताल में करते हैं क्योंकि यहां पर सुविधा नहीं है।

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