उत्तराखंड खनिज परिषद के अध्यक्ष और खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और उनके समर्थकों के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने सार्वजनिक समारोह में फायरिंग कर भय का माहौल बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस चैंपियन और उनके समर्थकों की ओर से फायरिंग में प्रयुक्त शस्त्रों की जांच करेगी। कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे कुंवर दिव्य प्रताप सिंह ने हाल ही में फिनलैंड में हुई डबल ट्रैप शूटिंग प्रतियोगिता में पदक जीता था। दिव्य प्रताप सिंह के वापस आने पर अखिल भारतीय गूर्जर महासभा की ओर से शनिवार को उनका सम्मान समारोह आयोजित किया गया था।
प्रशासनिक भवन में हुए इस समारोह में चैंपियन और उनके कई समर्थकों ने खुशी में अपनी राइफलों और बंदूकों से जमकर फायरिंग की थी। सिविल लाइंस कोतवाली में इस बारे में दारोगा विनोद तेवतिया की ओर से प्रणव सिंह चैंपियन और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि शस्त्रों की जांच की जाएगी। इस बारे में साक्ष्य जुटाने के साथ ही लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
'फायरिंग तो मेरा शौक है, करता रहूंगा'
सार्वजनिक समारोह में फायरिंग करके फिर चर्चाओं में आए खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का कहना है कि गोली चलाना तो उनका शौक है।
ऐसा वे करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। मुकदमे दर्ज होने से उनका कुछ नहीं बिगड़ता। जांच में सारी बात साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नेताओं के लिए मुकदमे गहनों की तरह होते हैं। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
अपनी ही सरकार के खेलमंत्री पर बिफरे चैंपियन
समय-समय पर अपने बेबाक बयानों से अपनी ही सरकार की परेशानी बढ़ा चुके राज्य खनिज परिषद के अध्यक्ष कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने राज्य के खेलमंत्री दिनेश अग्रवाल के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने अग्रवाल को खेलों की समझ नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्हें खेल मंत्रालय से हटाने की मांग की । उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे साथ ही महामहिम राष्ट्रपति से भी खेलमंत्री की शिकायत करेंगे।
रविवार को अपने आवासीय कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने कहा कि खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल खेलों के साथ राजनीति कर रहे हैं। खेलों के प्रति उनकी अरुचि और नासमझी के कारण राज्य में खेल तथा खेल प्रतिभाओं का भारी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले विधानसभा में खेलमंत्री को ज्ञापन दिया था जिसमें राज्य में पंजा कुश्ती को खेलों की सूची में शामिल करने की मांग की गई थी लेकिन अभी तक उन्होंने इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया।
ऊधमसिंह नगर में आज से प्रारंभ हुई राष्ट्रीय पंजा कुश्ती प्रतियोगिता के लिए उनकी पहल पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दो लाख रुपए मंजूर किए थे लेकिन खेलमंत्री ने यह पैसा जारी नहीं करवाया। उन्होंने कहा कि वे राज्य की खेल प्रतिभाओं को लेकर खेलमंत्री के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक दिन प्रदर्शन भी करेंगे।
चैंपियन ने कहा कि उनका बेटा फिनलैंड में पदक जीतकर आया है मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उसे दिल्ली में अपने घर बुलाकर सम्मानित भी किया लेकिन खेलमंत्री ने बधाई के दो शब्द भी नहीं बोले। उन्होंने अपने बेटे के लिए राजधानी में शूटिंग रेंज बनाने अन्य खिलाड़ियों की तरह अलग से सम्मानित करने और आर्थिक मदद देने की भी मांग की।