हरिद्वार में खनन माफिया से पुलिस के गठजोड़ का मामला सामने आया है। एसपी देहात रहे अजय सिंह की जांच रिपोर्ट के बाद पथरी थाने की फेरुपुर चौकी के प्रभारी रहे उपनिरीक्षक विद्यादत्त जोशी के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामला वर्ष 2013 का है।
तत्कालीन एसएसपी के निर्देश पर स्पेशल टीम ने पथरी क्षेत्र में खनन को लेकर छापामारी की थी। तब पुलिस की सांठगांठ का अंदेशा होने पर एसएसपी रहे आईपीएस अरुण मोहन जोशी ने सीओ कनखल जेआर जोशी को जिला पुलिस मुख्यालय संबद्ध कर दिया था और एसओ रहे टीएस राणा, चौकी प्रभारी विद्यादत्त जोशी समेत 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
तत्कालीन एसएसपी ने पूरे मामले की जांच बैठा दी थी। एसएसपी के तबादले के बाद जांच एसपी देहात अजय सिंह कर रहे थे। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि एसपी देहात रहे अजय सिंह की जांच रिपोर्ट में चौकी प्रभारी रहे विद्यादत्त जोशी की खनन माफिया से संलिप्तता पाई गई है। आरोप है कि चौकी प्रभारी रहते हुए उपनिरीक्षक ने पद का दुरुपयोग किया है।
पथरी थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह की ओर से प्रभावी धाराओं में उपनिरीक्षक विद्यादत्त जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि प्रकरण की जांच विशेष जांच प्रकोष्ठ को सौंपी गई है। बताया कि खनन को लेकर पुलिस की संलिप्ता सामने आने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अवैध खनन की शिकायतों पर भड़के CM
उत्तराखंड वन विकास निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिलने पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने निगम अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी अनियमितता या अवैध खनन की शिकायत पर तत्काल जांच की जाए।
जांच में दोषी अफसरों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने खनन कार्यों में पारदर्शिता बरतने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विकास निगम अपने संसाधनों को और बढ़ाए। अपने कार्य में कुछ नयापन लाए। कहा कि अवैध खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, इससे निगम की कार्यप्रणाली पर असर पड़ता है।
कहा कि सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध खनन पर कठोर कार्रवाई की जाए। बैठक में अध्यक्ष वन विकास निगम हरीश धामी ने बताया कि निगम ने जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं, उन्हें प्राप्त कर लिया जाएगा। कहा, कि वे स्वयं जिलों में निगम द्वारा संचालित कार्यों का मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं।
निगम को व्यावसायिक स्वरूप दिया जा रहा है। इसके लिए कुशल लोगों की जरूरत है। बैठक में मुख्य सचिव एन रविशंकर, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव वन रणबीर सिंह, निगम के प्रबंध निदेशक श्रीकांत चंदोला आदि मौजूद रहे।