पहले चरण में 15 शहरों का होगा अध्ययन
मसूरी, नैनीताल, पौड़ी, कर्णप्रयाग, नई टिहरी, उत्तरकाशी, लैंसडौन, रानीखेत, नैनीताल, कपकोट, धारचूला, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, भवाली।
शिमला जैसे हादसों के बाद अध्ययन का बना दबाव
शिमला शहर में भारी बारिश से हुए भूस्खलन के कारण भवनों के गिरने के हादसे सामने आए हैं। मसूरी, नैनीताल सरीखे शहरों पर भी अंधाधुंध शहरीकरण का हाल शिमला जैसा ही है। इन हादसों से प्रदेश सरकार पर शहरों की धारण क्षमता का अध्ययन करने का दबाव बना है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध कटान...पुरोला में कार्रवाई के आदेश जारी, चकराता पर चुप्पी
उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र ने शहरों की धारण क्षमता का अध्ययन कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्य के लिए एजेंसियां सूचीबद्ध की जाएंगी, जिसके लिए जल्द टेंडर आमंत्रित होंगे। -डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव, आपदा प्रबंधन