कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई मंजिल मुश्किल नहीं, यह बात एक बार फिर साबित कर दिखाई है रुद्रप्रयाग जिले के डोढ़ा बरदार गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह ने। गांव में बढ़ई का काम करने वाले सतेश्वर शाह के पुत्र धर्मेंद्र सिंह ने पहले ही प्रयास में पीसीएस-जे परीक्षा में 18वी रैंक हासिल की है।
छह भाई बहनों में तीसरे नंबर के धर्मेंद्र बताते हैं कि प्रति दिन 12 से 14 घटें की नियमित पढ़ाई के कारण ही उन्हें यह सफलता मिली। परीक्षा की तैयारी के दौरान कई समस्याएं, लेकिन पिता और मां सुमित्रा देवी ने कभी हौसला नहीं टूटने दिया। इस बीच उन्होंने ला कालेज रुद्रपुर में बच्चों को पढ़ाया भी।
चमोली जिले के गोपेश्वर निवासी जयश्री राणा ने पीसीएस जे परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल की है। यह उनका दूसरा प्रयास था। वे बताती हैं कि असफलता से ही उन्हें सफलता की सीख मिली। पिछली बार वे मैंस क्वालीफाई नहीं कर पाई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने पहले इस असफलता के कारण तलाशे और फिर उन्हें दूर किया। पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर धाम सिंह राणा और रोमा राणा की पुत्री जयश्री ने 2011 में राजकीय लॉ कालेज गोपेश्वर से ला की परीक्षा पास की थी। वे पांच भाई बहन हैं।
नदीम को तीसरे प्रयास में मिली सफलता
सुभाषनगर ज्वालापुर हरिद्वार निवासी नदीम अहमद ने तीसरे प्रयास में पीसीएस जे परीक्षा में सफलता हासिल की है। दो बार मैंस में पहुंचने के बावजूद वे सेलेक्ट नहीं हो पाए थे, लेकिन उन्होंने लक्ष्य से नजर नहीं हटाई। वे बताते हैं कि हरिद्वार में प्रेक्टिस के साथ ही वे परीक्षा की तैयारी करते रहे। व्यवसायी सलीम अहमद के पुत्र नदीम के अनुसार उनकी सफलता का राज सेल्फ स्टडी है। उनका छोटा भाई पोलिया ग्रस्त है।
पीसीएस-जे में आशुतोष टॉपर
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से शुक्रवार शाम उत्तराखंड राज्य न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन), पीसीएस-जे-2013 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। प्रदेश को कुल 24 न्यायिक अधिकारी मिले हैं। आशुतोष तिवारी पीसीएस-जे के टापर बने। एक तिहाई पदों पर उत्तराखंड की महिलाओं ने कब्जा जमाया है।
आयोग की ओर से 31 जुलाई से दो अगस्त 2014 तक मुख्य परीक्षा कराई थी। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के इंटरव्यू 17 नवंबर से 22 नवंबर तक कराए गए थे। इंटरव्यू के महज छह दिन बाद आयोग ने रिजल्ट जारी कर दिया। आशुतोष तिवारी पीसीएस-जे के ऑल ओवर टापर बने। जबकि महिला वर्ग में मीनाल चावला टापर रही हैं। परीक्षा में 11 महिला अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इनमें से आठ उत्तराखंड महिला कोटे की हैं। प्रदेश की महिलाओं के लिए यह बड़ी सफलता है।
इन्होंने पाई सफलता
-आशुतोष तिवारी, मीनाल चावला, तिस्ता शाह, आफिया मतीन, उत्सव गौरवराज, अमित कुमार, आलोक राम त्रिपाठी, मिथिलेश पांडेय, रविंद्रदेव मिश्रा, रवि रंजन, कपिल कुमार त्यागी, अभय सिंह, मौहम्मद आरिफ, ममता पंत, अनामिका, बीनू गुलयानी, नदीम अहमद, धर्मेंद्र शाह, साहिस्ता बानो, अनूप सिंह, शमा परवीन, मंजू देवी, जयश्री राणा, सुमन।