उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के नेताओं और अफसरों के दावे हवाई साबित हो रहे हैं।
बागेश्वर जिले के मल्ला डोब चानकोट गांव निवासी गर्भवती को तीन बार रेफर किया गया। एसटीएच जाते समय प्रसव पीड़ा होने पर उसे भीमताल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उसने जुड़वा शिशुओं को जन्म दिया। जच्चा-बच्चों की हालत नाजुक होने पर तीनों को एसटीएच भेज किया गया है।
दीप कुमार की पत्नी संगीता देवी (26) को दो दिन पहले प्रसव पीढ़ा हुई तो परिजन स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें बागेश्वर के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद संगीता को अल्मोड़ा के बेस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
अल्मोड़ा के डॉक्टरों ने संगीता की हालत नाजुक बताते हुए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। मंगलवार देर रात परिजन संगीता को आपातकालीन वाहन 108 में लेकर अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई।
बुधवार सुबह करीब सात बजे परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमताल में भर्ती करा दिया, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद डॉक्टरों के अथक प्रयास से संगीता ने जुड़वा शिशुओं को जन्म दिया। इनमें एक बेटा और एक बेटी है।
अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. सुधीर सिंह कन्याल ने बताया कि जन्म के समय एक शिशु का वजन पौने दो किलो और दूसरे का दो किलो था। संगीता के शरीर में भी खून की कमी हो गई है, जिसे देखते हुए मां और दोनों बच्चों को एसटीएच रेफर कर दिया गया है।