महिलाओं को आत्मरक्षा और हिंसा से बचाव के गुर सिखाने वाली देहरादून पुलिस का एक दूसरा चेहरा भी है।
आरोपियों पर कार्रवाई करने से बच रही पुलिस
दहेज उत्पीड़न के मामले में पीड़ित महिला को महज इसलिए न्याय नहीं मिल रहा है क्योंकि घटना महकमे के एक अफसर के परिवार से जुड़ी हुई है। ऐसे में पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने से बच रही है।
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उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी शिक्षक संगठन ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी संघ भवन में बैठक कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन मामले को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के पास भी जाएगा।
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मोथरोवाला निवासी पीड़ित महिला निधि के पिता प्रताप सिंह पंवार देहरादून पुलिस अस्पताल में कार्यरत हैं और संगठन के संरक्षक हैं। निधि की शादी 24 फरवरी 2012 को अजबपुरकलां निवासी अभिषेक से हुई थी।
अभिषेक के पिता राजकिशोर फर्स्वाण लालकुआं, नैनीताल के कोतवाल हैं। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुरालियों द्वारा निधि को दहेज में कीमती सामान और मोटी रकम लाने के लिए मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता रहा।
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एसएसपी के आदेश पर नेहरू कॉलोनी थाने में पति अभिषेक फर्स्वाण, ससुर आरके फर्स्वाण, सास रेखा, ननद नेहा, देवर अभिनव फर्स्वाण के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी और गाली-गलौच का मुकदमा दर्ज हुआ था।
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आरोपियों पर कार्रवाई न होने से निधि और उनके मायके वाले मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहे हैं। बैठक में प्रताप सिंह पंवार, वीएस कलूड़ा, सुनील नौटियाल, सुनील कोठारी आदि मौजूद थे। इस बाबत एसओ नेहरू कालोनी डीएम बलूनी ने बताया कि मामले की नियमानुसार जांच चल रही है।