हादसे की सूचना पर एसडीएम देवानंद शर्मा, तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ, पुलिस चौकी प्रभारी नवीन चौहान, पटवारी जगदीश औलिया सहित एसडीआरएफ के जवानों और श्रीकोट तथा बौंला के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को जीप से निकालकर 108 सेवा से गौचर अस्पताल भेजा। अस्पताल ले जाते समय अशोक चौधरी की मौत हो गई जबकि मनवीर सिंह की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
सड़क दुर्घटना में खरसांईं ग्राव निवासी प्रेम सिंह चौधरी (70) और पत्नी हेमा देवी के तीसरे बेटे की मौत हो गई। प्रेम सिंह के दो जवान बेटों की इससे पहले मौत हो चुकी है। आईटीबीपी में सेवारत रहे प्रेम सिंह सरल स्वभाव के हैं। करीब 10 साल पहले उनके बड़े बेटे (30 वर्ष) का निधन हो गया।
उनका बेटा अपने पीछे पत्नी, दो बच्चों को छोड़ गया था। इस दर्द से प्रेम सिंह उबर भी नहीं पाए थे कि छह साल बाद उनके दूसरे बेटे (28) की अचानक मौत हो गई। वह अविवाहित था। दो बेटों की मौत के बाद परिवार में तीसरा बेटा अशोक सिंह चौधरी ही बुजुर्ग माता-पिता का सहारा था, लेकिन बृहस्पतिवार को हुए सड़क हादसे में अशोक की मौत के बाद से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। जैसे ही अशोक के माता-पिता को हादसे का पता चला तो वे बेसुध हो गए।