रमेश नेगी चार मई को शांति सेना में शामिल होकर लेबनान गए थे। 11 जुलाई को घर पर सूचना आई थी कि हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई है। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। सेना की ओर से उनका पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए पूरी कागजी कार्रवाई की जा रही थी।
एक सप्ताह बाद बुधवार देर रात उनका पार्थिव शरीर नंदा कॉलोनी स्थित आवास पहुंचा। पति का शव देखकर पत्नी शशि देवी बेसुध हो गईं। वहीं, उनके अंतिम दर्शन करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इसके बाद उनका पार्थिव शरीर हरिद्वार ले जाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान समाजसेवी सतीश नेगी, कुलदीप सिंह कंडारी, रमेश पंवार, बचन सिंह, रोहित सिंह नेगी, मनवर सिंह रावत परिवार को सांत्वना दी।