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दून कलेक्ट्रेट एरिया में कार फ्री डे बेअसर

Sun, 06 Mar 2016 11:32 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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अफसर - फोटो : amar ujala
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देहरादून में जाम की समस्या के प्रति अफसर कितने गंभीर है इसका पुख्ता जवाब मिल गया।
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आपको भी जवाब जानना है तो दो दिन पीछे यानी शुक्रवार के दिन जाना होगा, जब जिलाधिकारी साहब ने अपील की थी कि शनिवार को कलक्ट्रेट और आसपास स्थित सरकारी ऑफिसों के अधिकारी कर्मचारी कार से ऑफिस न आए।

इसके लिए परेड ग्राउंड में कार पार्क कर दफ्तर तक पैदल आने को कहा गया था। पर शनिवार सुबह डीएम साहब की अपील कुछ ही अधिकारियों ने फालो की, बाकियों ने इसे एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल दिया।
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तभी तो शनिवार को उनकी गाड़ियां परेड ग्राउंड के बजाय उनके दफ्तरों में ही नजर आईं। अमर उजाला संवाददाता मनीष भट्ट और फोटो जर्नलिस्ट संजय नेगी ने जो देखा वो हूबहू आपके सामने प्रस्तुत है।

9:45am
एआरटीओ (प्रवर्तन) अरविंद पांडे परिवहन विभाग के कुछ सिपाहियों के साथ परेड ग्राउंड पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस डीएम के आने की सूचना पर जरूर वहां अक्सर खड़े रहने वाले टाटा मैजिक और आटो वालों को हटाकर अपनी सक्रियता दिखाने की कोशिश में जुटे थे।

9:50am
अन्य किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी की कार परेड ग्राउंड नहीं पहुंची। आसपास मौजूद लोग सवाल उठा रहे हैं कि दस बजे ऑफिस टाइम है। अफसर अब तक यहां नहीं पहुंचे तो पैदल चलकर समय पर आफिस कैसे पहुंचेंगे?

10:00am
सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. ललित नारायण मिश्रा भी परेड ग्राउंड पहुंचे। वहां पहुंचकर एआरटीओ को निर्देश दिए कि पार्किंग की व्यवस्था की ठीक से जायजा ले लें।

10:12am
डिप्टी कलेक्टर एनएस डांगी और 10:15 बजे डीएसओ पीएस पांगती भी कार से परेड ग्राउंड पहुंचे।

10:30am
एआरटीओ पांडे सिपाहियों के साथ सिटी बस में सवार होकर राजपुर रोड स्थित दफ्तर पहुंचे। जबकि डीएसओ, डिप्टी कलेक्ट्रेट और सिटी मजिस्ट्रेट पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। उधर एडीएम प्रताप शाह डालनवाला स्थित घर से पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। उधर, कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर और आसपास जाम रोजाना की तरह लग रहा है। साढे़ बारह बजे डीएम रविनाथ रमन और एडीएम झरना कामठान कार से परेड ग्राउंड पहुंचे और वहां से पैदल कलेक्ट्रेट गए।
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‘पॉल्यूशन कंट्रोल और यातायात दबाव के मद्देनजर यह कोशिश की जा रही है। कुछ अधिकारियों की राजभवन में ड्यूटी थी। इसके चलते वे समय पर नहीं पहुंच पाए। साथ ही अपील सभी विभागों तक नहीं पहुंच पाने से भी पूरी तरह से अपील का असर नहीं दिखा। सरकारी मुलाजिमों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है।’
- रविनाथ रमन, जिलाधिकारी
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