उत्तराखंड में हैं नौ कैंट
उत्तराखंड में नौ कैंट हैं। इसमें रुड़की, देहरादून कैंट, क्लेमेंटटाउन कैंट, लंढौर, चकराता, रानीखेत, अल्मोड़ा, नैनीताल, लैंसडौन शामिल हैं। चुनाव अधिसूचना जारी होते ही सभी कैंटों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
फिलहाल पुराने एक्ट के अनुसार ही होंगे चुनाव
आगामी तीस अप्रैल को कैंट बोर्डों में होने वाले चुनाव कैंट एक्ट 2006 के अनुसार ही होंगे। नए एक्ट 2022 को लोकसभा और राज्य सभा में मंजूरी नहीं मिली है। दरअसल, कैंट बोर्ड छावनी अधिनियम 2006 के आधार पर चल रहा है। रक्षा मंत्रालय लंबे समय से कैंट बोर्डों के लिए नया एक्ट बनाने की कवायद कर रहा है।
इस नए एक्ट में कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष को अधिकार देने और उपाध्यक्ष का चुनाव मेयर की तरह सीधे जनता से कराने का प्रावधान किया जा रहा है। साथ ही एक्ट में कई अन्य प्रावधान भी किए जा रहा हैं।
संसद में पारित होने के बाद ही एक्ट को लागू किया जाना है, लेकिन अभी तक लोकसभा और राज्यसभा में एक्ट को मंजूरी नहीं मिल पाई है। लिहाजा, तीस अप्रैल को होने वाले चुनाव छावनी अधिनियम-2006 के आधार पर ही होंगे।
रक्षा मंत्रालय ने चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। 30 अप्रैल को चुनाव होने हैं। चुनाव पुराने एक्ट के आधार पर ही होंगे। इसलिए अब तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। - कौशल गौतम, सीईओ, कैंट क्लेमेंटटाउन