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Dehradun News: कैंट बोर्ड के चुनाव पर फिर लगा विराम, एक साल तक बढ़ाया गया कार्यकाल

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गढ़ी कैंट और क्लेमेंटटाउन छावनी बोर्ड के चुनाव एक बार फिर टल गए। लंबे समय से छावनियों में चुनाव नहीं हुआ है और लोग चुनाव की मांग कर रहे थे।
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देहरादून शहर से लगी हुई दो छावनियां हैं। इनमें एक गढ़ी कैंट और दूसरी क्लेमेंटटाउन छावनी है। दोनों ही छावनियों में करीब सात-सात वार्ड हैं। इनमें छावनी एरिया से लेकर मिश्रित आबादी भी रह रही है। पिछले कई साल से इनमें चुनाव नहीं हुए हैं और बोर्ड के कार्यकाल को आगे बढ़ाया जा रहा था। इसी बीच रक्षा विभाग की ओर से कैंटो के रिहायशी एरिया को अलग करने पर भी काम चल रहा था। इसका प्रस्ताव भी तैयार कर भेजा जा चुका है लेकिन कैंट और नगर निगम के बीच इस पर कई मामलों में सहमति बन गई थी जबकि कई ऐसे मामले थे जिन पर सहमति नहीं बन पाई थी। यही कारण रहा है कि यह मामला भी लटक गया था। उधर कैंटों के रिहायशी इलाकों में रह रहे लोग भी लगातार यह मांग कर रहे थे कि छावनियों के इस मसले को हल कर छावनी में चुनाव संपन्न कराने चाहिए। लोगों को चुनाव की उम्मीद थी लेकिन अब फिर कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।





बोर्ड में ब्रिगेडियर, सीईओ और जनता का एक नामित सदस्य



वर्तमान में जो बोर्ड चल रहा है वही बोर्ड अगले एक साल के लिए भी जारी रहेगा। कैंट बोर्ड के अध्यक्ष बिग्रेडियर रहेंगे। इनके अलावा बोर्ड में मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एक नामित सदस्य के रूप में रहेगा।
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बार-बार इस तरह से बोर्ड को आगे बढ़ाना और चुनाव ना कराना इससे लोगों में बड़ी असमंजस की स्थिति है। पूर्व में चार साल पहले यह गजट गया था कि सिविल एरिया नगर निगम में शामिल होना है। 56 दिन के दावे-आपत्तियां मांगे गए थे। कई बार बैठकें भी हो चुकी हैं लेकिन सरकार अभी भी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई। अब इस संबंध में सांसद के माध्यम से रक्षा मंत्री से मिलकर समाधान निकाला जाएगा और बजट भी मांगा जाएगा। - महेश पांडेय, संरक्षक क्लेमेंटटाउन रेजिडेंस वेलफेयर सोसायटी
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सरकार असमंजस में है। इससे कैंट क्षेत्र में विकास नहीं हो पा रहा है। ना तो बोर्ड के चुनाव हो रहे हैं और ना ही नगर निगम में शामिल होने का रास्ता साफ हुआ है। इससे गढ़ी कैंट छावनी को बजट भी नहीं मिल रहा है। उम्मीद थी कि इसका हल निकाला जाएगा लेकिन अब फिर एक साल के लिए कार्यकाल को आगे बढ़ाया गया है।

-ओपी गुप्ता, पूर्व सदस्य गढ़ी कैंट छावनी प्रेमनगर
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