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छावनी परिषद चुनाव से गर्माएगी सियासत

Thu, 06 Nov 2014 03:43 PM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
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छावनियों में आम चुनाव की घोषणा के बाद उत्तराखंड में सियासत गर्मा जाएगी। प्रदेश की सबसे बड़ी छावनी देहरादून (गढ़ी) में भाजपा और कांग्रेस की साख दांव पर है।
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उपाध्यक्ष जीताकर लाने की चुनौती
छावनी में सीएम हरीश रावत का आवास होने से कांग्रेस के लिए यहां उपाध्यक्ष जीताकर लाने की चुनौती है। वहीं यह कैंट क्षेत्र जिन दो विधानसभाओं कैंट और मसूरी के तहत आता है वहां दोनों विधायक भाजपा के हैं। राजधानी में स्थित की दूसरी बड़ी छावनी क्लेमेंटटाउन और मसूरी (लंढौर) में दोनों दलों के बीच वर्चस्व की लड़ाई रहेगी।

उत्तराखंड छावनियों की संख्या में देश में दूसरे स्थान पर आता है। उत्तर प्रदेश के बाद राज्य में सर्वाधिक छावनियां होने से चुनावों में स्थानीय राजनीति बेहद हावी रहती है। गढ़ी छावनी में सीएम और गवर्नर हाउस हैं, यहां के 50 हजार मतदाताओं में ये दोनों भी शामिल हैं।
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वर्ष 2008 में छावनी परिषद चुनावों में देहरादून कैंट में भाजपा को बड़ा झटका देकर कांग्रेस के सभासद गुरुप्रसाद तिवारी उपाध्यक्ष बने थे। इस बार तिवारी का वार्ड महिला आरक्षित होने से समीकरण बदल सकते हैं। इस कैंट की सियासत में क्षेत्रीय विधायकों हरबंस कपूर और गणेश जोशी का खासा दखल है, जिससे उनकी साख भी दांव पर है।

कांग्रेस के लिए बड़ी दिक्कत यह है कि नए परिसीमन में प्रेमनगर में चार वार्ड हो गए हैं जो भाजपा के लिए फायदे का सौदा हो सकता है। प्रदेश का 30 हजार मतदाता वाला दूसरा बड़ा कैंट क्लेमेंटटाउन धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है। धर्मपुर से विधायक दिनेश अग्रवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, जिससे यहां के चुनाव में कांग्रेस मजबूती से उतर सकती है।

हालांकि यहां से निवर्तमान उपाध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी भाजपा के युवा नेता हैं। चुनाव में मंत्री दिनेश अग्रवाल और कंडारी के बीच टक्कर रहेगी। मसूरी (लंढौरा कैंट) में विधायक गणेश जोशी के लिए चुनौती है, जबकि क्लास डी कैंट चकरौता कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह के क्षेत्र में आता है।

पार्टी चुनाव चिन्ह पर नहीं होंगे चुनाव
छावनी परिषद निर्वाचन नियमावली 2007 के अनुसार कैंट चुनाव में पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं हो सकते। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ पाएंगे। दोनों दल अपने समर्थित प्रत्याशियों की सूची इसी माह जारी कर सकते हैं।
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