चार अलग-अलग तरह की दवाइयों की आपूर्ति कर रही संबंधित कंपनी
अधिकारियों ने बताया कि जिस इंजेक्शन में खराबी पाई गई है, उसकी मैनक्योर ड्रग कंपनी की ओर से आपूर्ति की जाती है। कंपनी की ओर से डॉक्सोरूबिसिन के साथ ही पांच और दवाइयों की आपूर्ति की जाती है। कंपनी के ब्लैक लिस्ट में शामिल होने के बाद सभी दवाइयों की आपूर्ति पर रोक लगाई जाएगी।
नई दवा कंपनी को दिया जाएगा टेंडर
अधिकारियों के मुताबिक सैंपल जांच में गड़बड़ी मिलने पर दवा कंपनी का टेंडर खत्म कर नई दवा कंपनी को टेंडर दिया जाएगा। ऐसे में इस प्रक्रिया को पूरा करने में समय भी लग सकता है। इससे कैंसर मरीजों को बाहर से दवाइयां खरादनी पड़ सकती हैं।
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तय मानकों का अनुपालन करते हुए सभी दवाइयों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। खरीदारी के दौरान दवाइयों की सही ढंग से सैंपल जांच कराने का नियम हैं। संबंधित अधिकारी इसे पूरी तरह सुनिश्चित करने के बाद ही दवाइयों को इस्तेमाल में लाएं। -आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा