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एडमिशन शुरू, पर सरकार तय नहीं कर पाई फीस

Mon, 10 Jul 2017 10:17 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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trivendra singh rawat
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उत्तराखंड के इंजीनियरिंग, बीएड और पैरामेडिकल कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एमबीबीएस में दाखिला प्रक्रिया 16 जुलाई से शुरू होने जा रही है लेकिन अभी तक सरकार इन कोर्सेज का शुल्क ही निर्धारित नहीं कर पाई है। इस वजह से कॉलेज मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। एमबीबीएस के लिए तो निजी कॉलेज 18 लाख रुपये तक मांग रहे हैं।
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प्रदेशभर के कॉलेजों में शुल्क निर्धारण करने के लिए बनी समिति ने एमबीबीएस, बीडीएस, बीटेक, एग्रीकल्चर, बीएड, मैनेजमेंट, पैरामेडिकल, परंपरागत ग्रेजुएशन कोर्स सहित 22 कोर्सेज का शुल्क निर्धारित करने को कॉलेजों से प्रस्ताव मांगे थे। इसके लिए समिति की केवल एक बैठक हो पाई है। समिति की अध्यक्ष डा. अंजू अग्रवाल का कहना है कि अभी शुल्क तय नहीं किया गया है। शुल्क तय करने से पहले कॉलेज दाखिलों में अगर अधिक शुल्क वसूल रहे हैं तो निर्धारण के बाद उन्हें छात्रों का पैसा लौटाना होगा। हालांकि शुल्क तय कब होगा, इसका पता नहीं है। जबकि नियम के हिसाब से नए सत्र की शुरुआत से पहले ही शुल्क तय हो जाना चाहिए था।

उधर, एमबीबीएस की दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निजी कॉलेजों ने मनमाने शुल्क बताने शुरू कर दिए हैं। कॉलेज 17.20 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। इससे अभिभावक भी परेशान हैं। उनकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द शुल्क तय करे, ताकि वह उसी हिसाब से बच्चों का दाखिला करा सकें।
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सात साल रिवाइज होगा बीटेक का शुल्क
उत्तराखंड में वर्ष 2010 के बाद इंजीनियरिंग व प्रोफेशनल कोर्सेज की फीस नहीं बढ़ी है। प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति के मुताबिक कुमाऊं विवि, श्रीदेव सुमन विवि, तकनीकी विवि, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विवि, आयुर्वेद विवि के संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण अधिनियम के तहत शुल्क का निर्धारण किया जाना है।

अभी शुल्क तय नहीं हो पाया है। शुल्क निर्धारित होने के बाद जिन संस्थानों ने छात्रों से ज्यादा फीस वसूली होगी, वह लौटानी होगी। जल्द ही सभी 22 कोर्सेज का शुल्क तय कर दिया जाएगा। 
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- डा. अंजू अग्रवाल, अध्यक्ष, प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति
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