प्रदेश में बीमार, विधवा व विकलांग शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों के मामले में शिक्षा मंत्री की एक नहीं चली। मंत्री व शासन के आदेश के बावजूद विभाग ने इन शिक्षकों के तबादलों से मना कर दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह शिक्षक जनपद कैडर के हैं, नियमावली में संशोधन के बिना इनका एक जनपद से दूसरे जनपद में तबादला नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रपति शासन के दौरान विभाग में नियम 29 (1) के तहत 202 शिक्षकों के तबादले किए गए थे। बीमार, विधवा व विकलांग इन शिक्षकों के तबादलों में 25 ऐसे शिक्षक थे जिनका अंतरजनपदीय तबादला किया गया, लेकिन शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने 11 जून 2016 को अपर निदेशक गढ़वाल मंडल व जिला शिक्षा अधिकारियों को शिक्षक संवर्ग के अंतर्गत ही तबादलों के निर्देश दिए।
शिक्षा निदेशक के इन शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों पर रोक लगाने के बाद शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने इन शिक्षकों के तबादलों के निर्देश दिए थे, लेकिन मंत्री की नहीं चली। इन शिक्षकों के अब तक तबादले नहीं हो पाए हैं।
केस नंबर एक
चमोली जनपद के जूनियर हाईस्कूल मींग में सहायक अध्यापक अनिल डिमरी के मुताबिक उनका बेटा 75 फीसदी विकलांग है। राज्यपाल के निर्देश के बाद शासन ने उनका तबादला किया था, लेकिन अपर निदेशक कार्यालय में काउंसिलिंग के दौरान कैडर से बाहर तबादले से इनकार कर दिया गया।
केस नंबर दो
जोशीमठ ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल सुनील में अध्यापिका साधना नेगी कैंसर पीड़ित हैं। पिछले कई साल से वे दून में तबादले के लिए विभाग के चक्कर लगा रही हैं। शासन ने तबादला किया, लेकिन विभाग ने अंतरजनपदीय तबादले से इनकार कर दिया।
केस नंबर तीन
उत्तरकाशी जनपद के प्राथमिक विद्यालय डांग में हेड पुष्पा भट्ट गंभीर रूप से बीमार हैं। वे अपने तबादले के लिए अधिकारियों से लेकर शिक्षा मंत्री तक के चक्कर लगा चुकी हैं, इनका तबादले का आदेश भी हुआ, लेकिन तबादला नहीं हुआ।
सचिव का है कहना
प्राथमिक हेड और जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों का हम जनपद से बाहर तबादला नहीं कर सकते, कैडर परिवर्तन का प्रावधान नहीं है। बीमार शिक्षकों के जनपद से बाहर तबादलों के लिए नियमावली में संशोधन किया जाएगा।
-डी सेंथिल पांडियन, शिक्षा सचिव