डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनावों का महासंग्राम शुक्रवार सुबह दस बजे से शुरू हो गया। वैसे तो चुनाव को सुबह नौ बजे शुरू होना था, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से मतदान एक घंटे की देरी से शुरू हुआ।
मतदान के दौरान डीएवी पीजी कॉलेज में फर्जी वोटर भी पकड़े गए। ये किसी और की आई और नाम पर वोट देने आए थे। हुड़दगी छात्रों को खदेड़ने के लिए कॉलेज कैंपस में एसएसपी सदानंद दाते मौजूद रहे।
इस साल चुनाव में कई खास बातें हैं, जो चुनाव का रुख बदलने के लिए पर्याप्त हैं। अध्यक्ष और महासचिव पद पर पांच-पांच प्रत्याशी मैदान में दम ठोंक रहे हैं। चुनाव के दौरान कॉलेज प्रशासन ने फर्जी वोटिंग से बचाव के लिए खास व्यवस्था की है।
दोपहर दो बजे कॉलेज में मतदान संपन्न हो गया। चुनाव में 4300 से ऊपर वोट होने की संभावना जताई गई है।
डीएवी के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. गोपाल क्षेत्री ने बताया कि कॉलेज में इस साल 8414 मतदाता अपने नेता चुनेंगे। वोटिंग के लिए कॉलेज में 19 बूथ बनाए गए।
आई कार्ड पर बारकोड की जांच के बाद ही छात्र को वोट देने के लिए प्रवेश दिया गया। अगर किसी के पास से फर्जी आई कार्ड मिला तो उसके खिलाफ तुरंत पुलिस में शिकायत की गई। मतदान में किसी भी फर्जीवाड़े को रोकने के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
इनके भाग्य का होगा फैसला
चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
अध्यक्ष : राहुल कुमार (एबीवीपी), आयुष गुप्ता (एनएसयूआई), संजय तोमर (निर्दलीय), कलम सिंह (निर्दलीय), हिमांशु (निर्दलीय)।
उपाध्यक्ष : नरेंद्र सिंह (संगम ग्रुप), संदीप सिंह (के 2 ग्रुप), सौरभ शर्मा (दिवाकर ग्रुप)।
सचिव : कपिल शर्मा (सत्यम शिवम ग्रुप), जतिन गुप्ता (पट्टू ग्रुप), राकेश कुमार (निर्दलीय), विपिन सिंह पंवार (एसएफआई) और सूरज कोहली (आर्यन)।
सहसचिव : आदेश कुमार (निर्दलीय), प्रिया (निर्दलीय), रोमा (निर्दलीय), विद्या बिष्ट (निर्दलीय)।
विवि प्रतिनिधि : अनुज कुमार (शिवा ग्रुप), आरजू गैरोला (निर्दलीय), कुशदेव (निर्दलीय), ज्योति पंवार (विकास ग्रुप), नागेंद्र सिंह (निर्दलीय), महेश कुमार (निर्दलीय), रॉबिन सिंह नेगी (निर्दलीय), विरेंद्र सिंह रावत (छात्रम), सक्षम चौहान (निर्दलीय)।
कोषाध्यक्ष : ज्योति वर्मा, तृष्णा कुमारी, भरत सिंह, मेघना और मोनिका सती (सभी निर्दलीय)।
छात्र प्रतिनिधि विज्ञान : अमित कंडारी और पवन पांडेय।
छात्रा प्रतिनिधि : अंजली चमोली, ज्योति रावत और शालिनी रावत।
छात्र स्नातक प्रतिनिधि : दिव्य मोहन जोशी और नवीन नेगी।